ShareChat
click to see wallet page
search
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - ్ ৩দণলশ भड़ाना @| 4|919 <61 जोधपुरः फिर निखरेगा सौजती  गेट मरम्मत का ढूसरा चरण शुरू सोजती गेट के लिए जयपुर से लाए पुराने ३०० साल ٨٤١, १०० साल नहीं बदलेगा मूल स्वरूप লল जोधपुर | सोजत की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित   करीब ३०० साल पुराने सोजती गेट का पुनरुद्धार कार्य दूंसरे चरण में पहुंच गया है। जेडीए के फंड  से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ( एएसआई ) ক मार्गदर्शन में यह काम किया जा रहा है। अगले दो माह में सोजती गेट फिर से निखरा हुआ नजर मूल स्वरूप पूरी तरह आएगा, लेकिन इसका बरकरार रहेगा। पुनरुद्धार के बाद यह काम कम से कम १०० साल तक टिकाऊ रहने का दावा किया जा रहा है। గా पहले चरण का काम पूरा होने के बाद अब घाटू के पत्थर नंबरिंग कर उतारे , ट्रीटमेंट के बाद उसी जर्जर गेट , गुंबद और कंगूरों के पुनरुद्धार का कार्य क्रम में लगाएंगेः सोजती गेट के भविष्य में दरार न किया गया है। यह काम उदयपुर के कारीगर बुर्ज में शुरू रहे हैं। पानी से गल चुके घाटू पत्थरों को लिए  चारों ओर प्लिंथ प्रोटेक्शन किया गया है। आए इसके कर पहले नंबरिंग कर उतारा गया, फिर ट्रीटमेंट के गुंबद और कंगूरों को भी पुराने स्वरूप में ही फिर से तैयार  अब बाद उन्हें उसी क्रम में वापस लगाया जा रहा है।  किया जा रहा है। ठेकेदार जमुना शंकर की देखरेख में अंदर  धंसे पत्थरों को भी यथास्थान स्थापित किया जा रहा है। दीवारों स्वरूप में कोई बदलाव न हो, इसके लिए मूल के समूचे गेट का पुनरुद्धार का काम होली के बाद पूरा होने को  पत्थरों को जोड़ने में जयपुर से मंगवाई गई लाल उम्मीद है। उदयपुर की ठेका फर्म आदित्य फर्नीचर यह काम  मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इस लाल मिट्टी कर रही है, जिसमें फ्रंट एलिवेशन के ३०० से अधिक पत्थरों को सीमेंट में मिलाकर लेप तैयार किया जा रहा हेै, जिसे दो पत्थरों के बीच गैप में भरा जा रहा है। को नंबरिंग कर फिर से उसी क्रम में जोड़ा जा रहा है। ్ ৩দণলশ भड़ाना @| 4|919 <61 जोधपुरः फिर निखरेगा सौजती  गेट मरम्मत का ढूसरा चरण शुरू सोजती गेट के लिए जयपुर से लाए पुराने ३०० साल ٨٤١, १०० साल नहीं बदलेगा मूल स्वरूप লল जोधपुर | सोजत की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित   करीब ३०० साल पुराने सोजती गेट का पुनरुद्धार कार्य दूंसरे चरण में पहुंच गया है। जेडीए के फंड  से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ( एएसआई ) ক मार्गदर्शन में यह काम किया जा रहा है। अगले दो माह में सोजती गेट फिर से निखरा हुआ नजर मूल स्वरूप पूरी तरह आएगा, लेकिन इसका बरकरार रहेगा। पुनरुद्धार के बाद यह काम कम से कम १०० साल तक टिकाऊ रहने का दावा किया जा रहा है। గా पहले चरण का काम पूरा होने के बाद अब घाटू के पत्थर नंबरिंग कर उतारे , ट्रीटमेंट के बाद उसी जर्जर गेट , गुंबद और कंगूरों के पुनरुद्धार का कार्य क्रम में लगाएंगेः सोजती गेट के भविष्य में दरार न किया गया है। यह काम उदयपुर के कारीगर बुर्ज में शुरू रहे हैं। पानी से गल चुके घाटू पत्थरों को लिए  चारों ओर प्लिंथ प्रोटेक्शन किया गया है। आए इसके कर पहले नंबरिंग कर उतारा गया, फिर ट्रीटमेंट के गुंबद और कंगूरों को भी पुराने स्वरूप में ही फिर से तैयार  अब बाद उन्हें उसी क्रम में वापस लगाया जा रहा है।  किया जा रहा है। ठेकेदार जमुना शंकर की देखरेख में अंदर  धंसे पत्थरों को भी यथास्थान स्थापित किया जा रहा है। दीवारों स्वरूप में कोई बदलाव न हो, इसके लिए मूल के समूचे गेट का पुनरुद्धार का काम होली के बाद पूरा होने को  पत्थरों को जोड़ने में जयपुर से मंगवाई गई लाल उम्मीद है। उदयपुर की ठेका फर्म आदित्य फर्नीचर यह काम  मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इस लाल मिट्टी कर रही है, जिसमें फ्रंट एलिवेशन के ३०० से अधिक पत्थरों को सीमेंट में मिलाकर लेप तैयार किया जा रहा हेै, जिसे दो पत्थरों के बीच गैप में भरा जा रहा है। को नंबरिंग कर फिर से उसी क्रम में जोड़ा जा रहा है। - ShareChat