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चौपाई राम चरित्र मानस #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "శuకే' हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं  মন মনাIl dgfafet रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए।। भावार्थः हरि अनंत हैं (उनका कोई पार नहीं पा सकता) और उनकी कथा भी अनंत है। सब संत लोग उसे बहुत प्रकार से कहते सुनते हैं। रामचंद्र के सुंदर चरित्र करोड़़ों कल्पों में भी गाए नहीं जा सकते। (रामचरीत्र मानस) Motivational Videos App Want ' "శuకే' हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं  মন মনাIl dgfafet रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए।। भावार्थः हरि अनंत हैं (उनका कोई पार नहीं पा सकता) और उनकी कथा भी अनंत है। सब संत लोग उसे बहुत प्रकार से कहते सुनते हैं। रामचंद्र के सुंदर चरित्र करोड़़ों कल्पों में भी गाए नहीं जा सकते। (रामचरीत्र मानस) Motivational Videos App Want ' - ShareChat