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चैत्र देवी कात्यायनी चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा विधि-विधान से की जाती है. मां कात्यायनी ऋषि कात्यायन की तपस्या के फल स्वरुप उनकी पुत्री के रूप में प्रकट हुई थी, इसी रूप में मां ने महिषासुर का वध किया था. देवी मां की उपासना करने से सहजता, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, इन चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है. मां कात्यायनी (Maa katyayani) के इस स्वरूप की बात करें तो, सुनहरे और चमकीले वर्ण वाली, चार भुजाओं वाली और रत्नाभूषणों से अलंकृत कात्यायनी देवी खूंखार और झपट पड़ने वाली मुद्रा में रहने वाले सिंह पर सवार रहती हैं. इनका आभामंडल विभिन्न देवों के तेज अंशों से मिश्रित इंद्रधनुषी छटा देता है. माता कात्यायनी (Maa katyayani) की दाहिनी ओर की ऊपर वाली भुजा अभय देने वाली मुद्रा में तथा नीचे वाली भुजा वर देने वाली मुद्रा में रहती हैं. बाईं ओर की ऊपर वाली भुजा में वे चंद्रहास खड्ग धारण करती हैं जबकि नीचे वाली भुजा में कमल का फूल रहता है. मां कात्यायनी की पूजा करने से रोग-शोक, कष्ट और भय दूर हो जाते हैं. इसके साथ ही इनकी पूजा से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं. जिन लोगों की शादी में देर हो रही है, उन्हें शीघ्र विवाह या प्रेम संबंधी मामलों के लिए चैत्र नवरात्रि के छठे दिन शाम को मां कात्यायनी को हल्दी की तीन गांठ चढ़ाएं. सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए पीले फूल चढ़ाते हुए ‘ॐ कात्यायनी महामये महायोगिन्यधीश्वरी। नंद गोप सुतं देहि पतिं में कुरुते नम:।।’ मंत्र का 108 बार जाप करें. ऐसा करने पर विवाह के योग बनेगा. #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - २४ मार्च २०२६ मंगलवार रविवार "g8)' 3 के छठवें दिन माँ आकिशक्ति देवी ದಖಔಟು 77< லRae Yolol fcreBerri ৬র आप सभी को हार्दिक बधाई एवं ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ 1 नवरात्रि के पावन पर्व पर परम फलदायिनी "माँ कात्यायनी " की आराधना कर सभी के लिए सुख समृद्धिकी प्रार्थना करता हू। Want Motivational Videos App २४ मार्च २०२६ मंगलवार रविवार "g8)' 3 के छठवें दिन माँ आकिशक्ति देवी ದಖಔಟು 77< லRae Yolol fcreBerri ৬র आप सभी को हार्दिक बधाई एवं ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ 1 नवरात्रि के पावन पर्व पर परम फलदायिनी "माँ कात्यायनी " की आराधना कर सभी के लिए सुख समृद्धिकी प्रार्थना करता हू। Want Motivational Videos App - ShareChat