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रुबाई हाली #✒ शायरी
✒ शायरी - mreepik qIS" mreepik हैं जहल में सब आलिम ओ जाहिल हम-्सर आता नहीं फ़र्क़ इस के सिवा उन में नज़र आलिम को है इल्म अपनी नादानी का जाहिल को नहीं जहल की कुछ अपने ख़़बर 9 (हाली) mreepik ceols reepik Motivational Videos App Want' mreepik qIS" mreepik हैं जहल में सब आलिम ओ जाहिल हम-्सर आता नहीं फ़र्क़ इस के सिवा उन में नज़र आलिम को है इल्म अपनी नादानी का जाहिल को नहीं जहल की कुछ अपने ख़़बर 9 (हाली) mreepik ceols reepik Motivational Videos App Want' - ShareChat