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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🙏🏻माँ तुझे सलाम #🇮🇳 देशभक्ति
बलिदान दिवस - राजा के सामने २१ दिसम्बर, १८५७ को कामदार गुलाबराज पटवारी, मोहनलाल ठाकुर, भवानीसिंह सन्दला आदि उनके कई साथियों को फाँसी दे दी गयी; पर राजा विचलित नहीं हुए। वकील चिमनलाल राम, सेवक मंशाराम तथा नमाजवाचक फकीर को काल कोठरी में बन्द कर दिया गया, जहाँ घोर शारीरिक एवं मानसिक यातनाएँ सहते दम तोड़ा। अन्ततः १० फरवरी, १८५८ को उन्होंने हुए g इन्दौर के एम.टी.एच कम्पाउण्ड में देश के 7٩٩ न्यौछावर करने वाले राजा बख्तावर सिंह को भी फाँसी  அfTII राजा के सामने २१ दिसम्बर, १८५७ को कामदार गुलाबराज पटवारी, मोहनलाल ठाकुर, भवानीसिंह सन्दला आदि उनके कई साथियों को फाँसी दे दी गयी; पर राजा विचलित नहीं हुए। वकील चिमनलाल राम, सेवक मंशाराम तथा नमाजवाचक फकीर को काल कोठरी में बन्द कर दिया गया, जहाँ घोर शारीरिक एवं मानसिक यातनाएँ सहते दम तोड़ा। अन्ततः १० फरवरी, १८५८ को उन्होंने हुए g इन्दौर के एम.टी.एच कम्पाउण्ड में देश के 7٩٩ न्यौछावर करने वाले राजा बख्तावर सिंह को भी फाँसी  அfTII - ShareChat