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।। ॐ ।। पुण्यो गन्धः पृथिव्यां च तेजश्चास्मि विभावसौ। जीवनं सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु॥ पृथ्वी में पवित्र गन्ध और अग्नि में तेज हूँ। सम्पूर्ण जीवों में उनका जीवन हूँ और तपस्वियों में उनका तप हूँ। #यथार्थ गीता #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️जीवन की सीख
यथार्थ गीता - 1/ 35 11 पृथिव्यां च तेजश्चास्मि गन्धः पुण्यो विभावसौ। जीवनं सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु।। में पवित्र गन्ध और अग्नि में पृथ्वी तेज हूँ। सम्पूर्ण जीवों में उनका जीवन हूँ और तपस्वियों में उनका নপ চুঁl हरि थँ 1/ 35 11 पृथिव्यां च तेजश्चास्मि गन्धः पुण्यो विभावसौ। जीवनं सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु।। में पवित्र गन्ध और अग्नि में पृथ्वी तेज हूँ। सम्पूर्ण जीवों में उनका जीवन हूँ और तपस्वियों में उनका নপ চুঁl हरि थँ - ShareChat