*राम भगत हित नर तनु धारी।*
*सहि संकट किए साधु सुखारी॥*
*नामु सप्रेम जपत अनयासा।*
*भगत होहिं मुद मंगल बासा॥*
श्रीराम ने भक्तों के हित के लिए मनुष्य शरीर धारण करके स्वयं कष्ट सहकर साधुओं को सुखी किया,परंतु भक्तगण प्रेम के साथ नाम का जप करते हुए सहज ही में आनंद और कल्याण के घर हो जाते हैं।
*जय सियाराम* 🌞🌞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️


