#हठयोग_करना_व्यर्थ_है
शास्त्र विरुद्ध मनमाना आचरण करने से कोई लाभ नहीं होता है। इस विषय में श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा गया है कि शास्त्रविधि को त्यागकर जो व्यक्ति मनमाना आचरण करता है उसे न कोई लाभ होता है न सुख प्राप्त होता है और न ही परमगति यानी मोक्ष मिलता है। #santrampaljimaharaj
![santrampaljimaharaj - शास्त्र विरूद्ध मनमाना आचरण करने से कोई लाभ नहीं होता है। इस विषय में श्रीमद्भगवत गीता अध्याय १६ श्लोक २३ में कहा गया है कि शास्त्रविधि को त्यागकर जो व्यक्ति मनमाना आचरण करता है उसे न कोई लाभ होता है, न सुख प्राप्त होता है और न ही परमगति यानी मोक्ष मिलता है। संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal ]i Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा व शास्त्र विरूद्ध मनमाना आचरण करने से कोई लाभ नहीं होता है। इस विषय में श्रीमद्भगवत गीता अध्याय १६ श्लोक २३ में कहा गया है कि शास्त्रविधि को त्यागकर जो व्यक्ति मनमाना आचरण करता है उसे न कोई लाभ होता है, न सुख प्राप्त होता है और न ही परमगति यानी मोक्ष मिलता है। संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal ]i Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा व - ShareChat santrampaljimaharaj - शास्त्र विरूद्ध मनमाना आचरण करने से कोई लाभ नहीं होता है। इस विषय में श्रीमद्भगवत गीता अध्याय १६ श्लोक २३ में कहा गया है कि शास्त्रविधि को त्यागकर जो व्यक्ति मनमाना आचरण करता है उसे न कोई लाभ होता है, न सुख प्राप्त होता है और न ही परमगति यानी मोक्ष मिलता है। संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal ]i Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा व शास्त्र विरूद्ध मनमाना आचरण करने से कोई लाभ नहीं होता है। इस विषय में श्रीमद्भगवत गीता अध्याय १६ श्लोक २३ में कहा गया है कि शास्त्रविधि को त्यागकर जो व्यक्ति मनमाना आचरण करता है उसे न कोई लाभ होता है, न सुख प्राप्त होता है और न ही परमगति यानी मोक्ष मिलता है। संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal ]i Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क निःशुल्क नामदीक्षा व - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_80881_22108667_1768892078474_sc.jpg?tenant=sc&referrer=pwa-sharechat-service&f=474_sc.jpg)

