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#GodMorningTuesday 'कबीर वाणी' पढ़ि पढ़ाबै कछु नहीं, ब्राह्मण भक्ति ना जान। ब्याहै, श्राधै कारनै, बैठा सुन्दा तान।। अर्थात ब्राह्मण लोग गीता वेद आदि ग्रंथों से यथार्थ ज्ञान तो पढ़ते पढ़ाते भी नहीं हैं और भक्ति के विषय में कुछ भी नहीं जानते हैं। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - AES राजस्थान कबीर वाणीः कछु नही, ब्राह्मण भक्ति ना जान। এতি पढ़ाबे ब्याहै, श्राधै कारनै , बैठा सुन्दा तान।। अर्थात ब्राह्यण लोग गीता वेद आदि ग्रंथों से यथार्थ ज्ञान भी नही हैं और भक्ति के विषय में कुछ भी নী এনন এমন नही जानते हैं। लेकिन शादी न्याह और श्राद्धकर्म कराने में लोभवश मुंह फाड़कर बैठे रहते हैं। इसलिए श्राद्ध केवल धार्मिक धांधा SANews Channel Folow us on: SANEWS.in SA News Rajasthan AES राजस्थान कबीर वाणीः कछु नही, ब्राह्मण भक्ति ना जान। এতি पढ़ाबे ब्याहै, श्राधै कारनै , बैठा सुन्दा तान।। अर्थात ब्राह्यण लोग गीता वेद आदि ग्रंथों से यथार्थ ज्ञान भी नही हैं और भक्ति के विषय में कुछ भी নী এনন এমন नही जानते हैं। लेकिन शादी न्याह और श्राद्धकर्म कराने में लोभवश मुंह फाड़कर बैठे रहते हैं। इसलिए श्राद्ध केवल धार्मिक धांधा SANews Channel Folow us on: SANEWS.in SA News Rajasthan - ShareChat
#GodMorningTuesday ऊंचा धाम वह स्थान है जहाँ परमेश्वर कबीर जी का निवास बताया गया है। संत गरीबदास जी को स्वयं कबीर परमेश्वर मिले, उन्हें ब्रह्मांडों व सतलोक का ज्ञान कराया। उन्होंने बताया कि तीनों लोकों से ऊपर कबीर का सर्वोच्च धाम है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - ऊँचा धाम संत गरीबदास जी को परमेश्र्वर कबीर जी स्वयं मिले थे। उनको ऊपर के ब्रह्मंडों में लेकर गए थे। सब देवों की स्थिति से अवगत करवाया था। अपने सतलोक में भी लेकर गए थे। अपनी स्थिति से भी अवगत करवाया था। फिर वापिस के ऊपर छोडा था। पृथ्वी गरीबदास जी ने बताया है किः तब संत विष्णु  गरीब, तीन लोक का राज है॰ ब्रह्मा महेश। ऊँचा घाम कबीर का, सतलोक प्रदेश।| बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPPEMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARA ऊँचा धाम संत गरीबदास जी को परमेश्र्वर कबीर जी स्वयं मिले थे। उनको ऊपर के ब्रह्मंडों में लेकर गए थे। सब देवों की स्थिति से अवगत करवाया था। अपने सतलोक में भी लेकर गए थे। अपनी स्थिति से भी अवगत करवाया था। फिर वापिस के ऊपर छोडा था। पृथ्वी गरीबदास जी ने बताया है किः तब संत विष्णु  गरीब, तीन लोक का राज है॰ ब्रह्मा महेश। ऊँचा घाम कबीर का, सतलोक प्रदेश।| बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPPEMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARA - ShareChat
#GodMorningTuesday सांसारिक चीं-चूं में ही भक्ति करनी पड़ेगी जैसे रहट की चीं-चूं आवाज बंद करने से पानी भी रुक जाता है, वैसे ही यदि हम संसार की हलचल से भागेंगे, तो भक्ति भी नहीं कर पाएंगे। ⤵️ इसलिए संसार के कार्य कभी शांत नहीं होंगे, इन्हीं के बीच भक्ति, स्मरण और सत्संग करना होगा। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - सांसारिक चीं-चूं में ही भक्ति करनी पड़ेगी जैसे रहट की चीं ्चूं आवाज बंद करने से पानी भी रुक जाता है,वैसे ही यदि हम संसार की हलचल से भागेंगे , तो भक्ति भी नहीं कर पाएंगे | इसलिए संसार के कार्य कभी शांत नहीं होंगे , इन्हीं के बीच भक्ति,  स्मरण और सत्संग करना होगा | రకె' बंदी सतगुरु रामपाल जी महाराज fe SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji SUPREMEGODORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ सांसारिक चीं-चूं में ही भक्ति करनी पड़ेगी जैसे रहट की चीं ्चूं आवाज बंद करने से पानी भी रुक जाता है,वैसे ही यदि हम संसार की हलचल से भागेंगे , तो भक्ति भी नहीं कर पाएंगे | इसलिए संसार के कार्य कभी शांत नहीं होंगे , इन्हीं के बीच भक्ति,  स्मरण और सत्संग करना होगा | రకె' बंदी सतगुरु रामपाल जी महाराज fe SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji SUPREMEGODORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningTuesday कबीर, इन्द्री तत्त्व प्रकृति से, आत्म जानपार। जाप एकपल नहीं छूटे, टूट न पावै तार।। भावार्थ- आत्मा को पाँचों तत्त्वों से भिन्न जानै।शरीर आत्मा नहींहै।निरंतर सतनाम का जाप करे। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - মন বাসপাল তী कबीर, इन्द्री तत्त्व प्रकृति से, आत्म जान पार। नहीं छूटै, टूट न पावै तार।। जाप एक पल भावार्थ- आत्मा को पाँचों तत्त्वों से भिन्न जानै | शरीर आत्मा नही है। निरंतर सतनाम का जाप करे | जगतगुर्त तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Follow us on Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ মন বাসপাল তী कबीर, इन्द्री तत्त्व प्रकृति से, आत्म जान पार। नहीं छूटै, टूट न पावै तार।। जाप एक पल भावार्थ- आत्मा को पाँचों तत्त्वों से भिन्न जानै | शरीर आत्मा नही है। निरंतर सतनाम का जाप करे | जगतगुर्त तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Follow us on Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ - ShareChat
#GodMorningTuesday "परमात्मा जो करता है, अच्छा ही करता है" दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की रह में कितना ही कष्ट आए,मन में यही आए की परमात्मा जो करता है, भक्त के भले में ही करता है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - {63c3 5 "परमात्मा जो करता है, अच्छाही करता दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की राह में कितना ही कष्ट आए॰ मन में यही आए कि परमात्मा जो करता है॰ भक्त के भले में ही करता है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok_Ashram_Betull @SatlokBetul {63c3 5 "परमात्मा जो करता है, अच्छाही करता दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की राह में कितना ही कष्ट आए॰ मन में यही आए कि परमात्मा जो करता है॰ भक्त के भले में ही करता है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok_Ashram_Betull @SatlokBetul - ShareChat
#GodMorningMonday गरीब, पतिब्रता परहेज है, आंन उपास अनीत । अपने पीव के चरण की, छाडत ना परतीत ।। भक्त पतिव्रता की तरह अन्य उपासना से परहेज करता है। अपने पीव यानि पति परमेश्वर के चरणों की परतीत यानि विश्वास नहीं छोड़ता। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - స్ా  Rinlc? गरीब, पतिब्रता परहेज है, आंन उपास अनीत। अपने पीव के चरण की , छाडत ना परतीत।| सरलार्थ शक्त पतिव्रता की तरह अन्य उपासना रे पीव यानि पति परहेज करता है। अपने परमेश्वर क चरणों की परतीत यानि विश्वास नहीं छोड़ता। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SatlokShamliup WWW JagatGuruRampalJi org SatlokAshramShamliUr స్ా  Rinlc? गरीब, पतिब्रता परहेज है, आंन उपास अनीत। अपने पीव के चरण की , छाडत ना परतीत।| सरलार्थ शक्त पतिव्रता की तरह अन्य उपासना रे पीव यानि पति परहेज करता है। अपने परमेश्वर क चरणों की परतीत यानि विश्वास नहीं छोड़ता। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SatlokShamliup WWW JagatGuruRampalJi org SatlokAshramShamliUr - ShareChat
#GodMorningMonday दो अक्षर का सच्चा नाम संत-भक्त किसी भी स्तर की भक्ति कर रहा है, वह आदरणीय है परंतु जब तक पूर्ण सतगुरू से दो अक्षर का सच्चा नाम दीक्षा में नहीं मिलेगा, तब तक न तो उस गुरूकी मुक्ति है और न शिष्य की। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - अमर दा अक्षषर का सच्चा नाम Ha 8 # মন-৪ল কিমী ৪ী ২নং কী वह आदरणीय भक्ति कर रहा है, परतु है जब तक पूर्ण सतगुरू से दो अक्षर का सच्चा नाम ढीक्षा में नहीं मिलेगा, तब तक न तो उस गुरूकी  3RR 3/85 न शिष्य की। संत रामपाल जी महाराज III.SUPREIIEGOD.ORG AMARBODHBOOK अमर दा अक्षषर का सच्चा नाम Ha 8 # মন-৪ল কিমী ৪ী ২নং কী वह आदरणीय भक्ति कर रहा है, परतु है जब तक पूर्ण सतगुरू से दो अक्षर का सच्चा नाम ढीक्षा में नहीं मिलेगा, तब तक न तो उस गुरूकी  3RR 3/85 न शिष्य की। संत रामपाल जी महाराज III.SUPREIIEGOD.ORG AMARBODHBOOK - ShareChat
#GodMorningMonday गरीब, बनजारे के बैल ज्यों, फिरे देश प्रदेश। जिन के संग न साथ हूं, जगत दिखावे भेष।। परमात्मा ने कहा है मेरा सिद्धांत है कि जो हरयाई गाय की तरह इधर-उधर दुनिया को ठगते फिरते हैं। मैं उनके साथ नहीं है। वे जगत में साधु वेश बनाकर प्रभावित करके काल जाल में डालते हैं। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - बनजारे के बैल ज्यौ , गरीब, सतलाक शामली फिै देशा परदेश | जिन के संग न साय हूं, जगत दिखवावै भेष | सरलार्थ परमात्मा ने कहा है कि मेरा सिद्धांत है कि जो हरयाई गाय की तरह इधर - उधर दुनिया को ठगते फिरते है। मै उनके साथ नहीं हूँ। वे जगत में साधु वेश बनाकर प्रभावित करके काल जाल में डालते है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SatlokshamlilP WWW Jagat suruRampalJi org SatlokAshramshamiUp बनजारे के बैल ज्यौ , गरीब, सतलाक शामली फिै देशा परदेश | जिन के संग न साय हूं, जगत दिखवावै भेष | सरलार्थ परमात्मा ने कहा है कि मेरा सिद्धांत है कि जो हरयाई गाय की तरह इधर - उधर दुनिया को ठगते फिरते है। मै उनके साथ नहीं हूँ। वे जगत में साधु वेश बनाकर प्रभावित करके काल जाल में डालते है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SatlokshamlilP WWW Jagat suruRampalJi org SatlokAshramshamiUp - ShareChat
#GodMorningMonday कबीर, सर्व सोने की लंका थी, वो रावण से रणधीरं। एक पलक मे राज विराजै, जम के पड़ै जंजीरं।। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी बताते हैं रावण की पूरी लंका सोने से बनी थी। वह बहुत शक्तिशाली शासक था। परन्तु सतभक्ति के बिना लंकापति रावण भी क्षण में राख हो गया था। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - कबीर, सर्व सोने की लंका थी, वो रावण से रणधीरं | एक पलक मे राज विराजै , जम के पडै जंजीरं ।। पूज्यनीय भगवान कबीर साहेब जी बताते हैं, रावण की लंका सोने पूरी  परन्तु फिर भी सतभक्ति से बनी थी। वह बहुत शक्तिशाली शासक था बिना लंकापति रावण भी एक ही क्षण में राख हो गया। মন যামপাল সী সমাহাস সী ম Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क  CEIO Google Play पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : +91 7496801823 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ कबीर, सर्व सोने की लंका थी, वो रावण से रणधीरं | एक पलक मे राज विराजै , जम के पडै जंजीरं ।। पूज्यनीय भगवान कबीर साहेब जी बताते हैं, रावण की लंका सोने पूरी  परन्तु फिर भी सतभक्ति से बनी थी। वह बहुत शक्तिशाली शासक था बिना लंकापति रावण भी एक ही क्षण में राख हो गया। মন যামপাল সী সমাহাস সী ম Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क  CEIO Google Play पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : +91 7496801823 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningMonday समर्पण गुरू जी से उपदेश लेने के पश्चात् समर्पण कर देना चाहिए। मन में अभिमान नहीं रखना चाहिए। मन में अभिमान नहीं रखना चाहिए। मन में अभिमान रखकर भक्ति करने वाले अनेकों मूर्ख अपना मानव जीवन नष्ट कर गए। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - 31 स्य्णायम zudidut गुरू जी से उपदेश लेने के पश्चात् समर्पण कर देना चाहिए। মন ম 3্মিমান নমী ২স্তরনা বাহিহ] মন ম 3মিমান रखकर भक्ति करने का नाटक करने वाले अनेकों मूर्ख अपना मानव जीवन नष्ट कर गए। संत रामपाल जी महाराज @SVARNAYUGA Follow us on: SVARNAYUGA SUPREMEGODORG 31 स्य्णायम zudidut गुरू जी से उपदेश लेने के पश्चात् समर्पण कर देना चाहिए। মন ম 3্মিমান নমী ২স্তরনা বাহিহ] মন ম 3মিমান रखकर भक्ति करने का नाटक करने वाले अनेकों मूर्ख अपना मानव जीवन नष्ट कर गए। संत रामपाल जी महाराज @SVARNAYUGA Follow us on: SVARNAYUGA SUPREMEGODORG - ShareChat