#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
Experience a Life Transformed by Truth.
The spiritual guidance of Saint Rampal Ji Maharaj has brought peace, happiness, and contentment to millions.
This "Satgyan" is the key to a better world and universal peace.
Event: World Peace Grand religious congregation Dates: 1 2 3May MahaAnushthan #santrampaljimaharaj
#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
आपके परिवार के हर सदस्य को विश्व शांति का यह पावन संदेश।
1, 2 और 3 मई 2026
को संत रामपाल जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में विश्व शांति महा अनुष्ठान ।
सभी सतलोक आश्रमों में विशाल भंडारा और आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन।
पूरी मानवता को शांति और सुख देने वाले इस महासमागम में सपरिवार अवश्य शामिल हों।
1 2 3May MahaAnushthan #santrampaljimaharaj
#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
शांति का आह्वान
अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर विश्व में शांति स्थापित करें।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पावन सान्निध्य में
1, 2 और 3 मई 2026
को विश्व शांति महा धार्मिक अनुष्ठान। हर सतलोक आश्रम आपका इंतजार कर रहा है।
1 2 3May MahaAnushthan #santrampaljimaharaj
#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
भेदभाव, जाति-पाति और धर्म के नाम पर बंटी मानवता को एक करने के लिए
संत रामपाल जी महाराज का विशेष निमंत्रण
दिनांक: 1,2 व 3 मई 2026
को सभी सतलोक आश्रमों में विश्व शांति महा धार्मिक अनुष्ठान
आइए एक परमात्मा कबीर साहेब की भक्ति में जुड़े और विश्व भाईचारा स्थापित करें।
1 2 3May MahaAnushthan #santrampaljimaharaj
#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
घर-घर में खुशी, परिवार में सुख-शांति और आत्मा में परम संतोष फैल गया है।
इसी सतज्ञान के प्रभाव से पूरी दुनिया बदल सकती है और सच्ची विश्व शांति स्थापित हो सकती है।
आइए, 1, 2 और 3 मई 2026 को सभी सतलोक आश्रमों में आयोजित विश्व शांति महा धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हों।
संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में मानवता को नई दिशा देने का यह सुनहरा अवसर है।
1 2 3May MahaAnushthan #santrampaljimaharaj
#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
Open Invitation Everyone, Everywhere!
No matter where you are from or what you believe in,
this message is for you.
We warmly invite you and your family to join the Universal Peace Mega-Event
from May 1-3, 2026.
This Event will be held simultaneously at all satlok ashrams. #santrampaljimaharaj
#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
अशांति के युग में उम्मीद की किरण"
जब दुनिया युद्ध और अशांति से गुजर रही है, तब संत रामपाल जी महाराज विश्व शांति का संदेश दे रहे हैं।
1, 2 और 3 मई 2026 को विश्व शांति महा धार्मिक अनुष्ठान एवं विशाल भंडारा।
सपरिवार अपने नजदीकी सतलोक आश्रम में पधारें।
1 2 3May MahaAnushthan #santrampaljimaharaj
#विश्वशांतिकेलिए_सादरनिमंत्रण
विश्व शांति महा धार्मिक अनुष्ठान'
केवल दुनिया के लिए नहीं, आपके परिवार की सुख-शांति के लिए भी है।
1-3 मई 2026
को सभी सतलोक आश्रमों में आपका स्वागत है।
आइए, इस पवित्र अनुष्ठान का हिस्सा बनें और अपने घर में शांति, प्रेम और सुख का स्थायी वातावरण बनाएं। #santrampaljimaharaj
#GodMorningThursday
गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में उस पूर्ण परमात्मा (सतपुरुष) की साधना का भी संकेत दिया है। कहा है कि उस पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति का तो केवल ॐ-तत्-सत इस तीन मंत्र के जाप का निर्देश है। यही साधना साधक जन सृष्टि के प्रारंभ में करते थे। #santrampaljimaharaj
#GodMorningThursday
जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर। सहजै हीरा नीपजे जो मन आवै ठौर।।
समुद्र की जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैं उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है यदि मन किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए, तो सहज भाव से ज्ञान रूपी अनमोल हीरे की प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब परमात्मा के ज्ञान के अभाव में दुःखी और अशांत है। #santrampaljimaharaj







![santrampaljimaharaj - जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिंदू 1 मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा। । भेदभाव, जाति-पाति और धर्म के नाम पर बंटी मानवता को एक करने के लिए शंत शमपाल् जी महा२ज का विशेष निमंत्रण নিনাক: 1,2 ন 3 ম$ 2026 को सभी सतलोक आश्रमों में विश्व शांति मद्या धार्मिक अनुष्ठन आइए, एक परमात्मा कबीर साहेब की भक्ति में जुड़ें और विश्व भाईचारा स्थापित करें। Visit: WWW.JagatGuruRampalJi org Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj] CHANNEL @SaintRampalJiMaharaj जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिंदू 1 मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा। । भेदभाव, जाति-पाति और धर्म के नाम पर बंटी मानवता को एक करने के लिए शंत शमपाल् जी महा२ज का विशेष निमंत्रण নিনাক: 1,2 ন 3 ম$ 2026 को सभी सतलोक आश्रमों में विश्व शांति मद्या धार्मिक अनुष्ठन आइए, एक परमात्मा कबीर साहेब की भक्ति में जुड़ें और विश्व भाईचारा स्थापित करें। Visit: WWW.JagatGuruRampalJi org Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj] CHANNEL @SaintRampalJiMaharaj - ShareChat santrampaljimaharaj - जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिंदू 1 मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा। । भेदभाव, जाति-पाति और धर्म के नाम पर बंटी मानवता को एक करने के लिए शंत शमपाल् जी महा२ज का विशेष निमंत्रण নিনাক: 1,2 ন 3 ম$ 2026 को सभी सतलोक आश्रमों में विश्व शांति मद्या धार्मिक अनुष्ठन आइए, एक परमात्मा कबीर साहेब की भक्ति में जुड़ें और विश्व भाईचारा स्थापित करें। Visit: WWW.JagatGuruRampalJi org Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj] CHANNEL @SaintRampalJiMaharaj जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिंदू 1 मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा। । भेदभाव, जाति-पाति और धर्म के नाम पर बंटी मानवता को एक करने के लिए शंत शमपाल् जी महा२ज का विशेष निमंत्रण নিনাক: 1,2 ন 3 ম$ 2026 को सभी सतलोक आश्रमों में विश्व शांति मद्या धार्मिक अनुष्ठन आइए, एक परमात्मा कबीर साहेब की भक्ति में जुड़ें और विश्व भाईचारा स्थापित करें। Visit: WWW.JagatGuruRampalJi org Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj] CHANNEL @SaintRampalJiMaharaj - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_899803_303c118e_1777618779038_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=038_sc.jpg)




![santrampaljimaharaj - गीताअध्यायत] थ्लोक २३ मेउस पूर्षपयमान्मा ( सनपुरूष) कीसाधनाकाभीसकैनदियाहै। किहाहैकिउस पूर्ण परमात्माकीप्राप्तिकातौकचल &%@%=~!@6 33 इसतीन मँत्रकोजापकानिर्देशहै! यहीसाधना साधकजनसृष्टि कप्रारंभमे करतेथे। श्रीमद्गवदगीता ಬr तीन मंत्र केस्मरणकी विधि तत्वदर्शी ( पूर्ण ) सन्त बताएगा। गीताअध्यायत] थ्लोक २३ मेउस पूर्षपयमान्मा ( सनपुरूष) कीसाधनाकाभीसकैनदियाहै। किहाहैकिउस पूर्ण परमात्माकीप्राप्तिकातौकचल &%@%=~!@6 33 इसतीन मँत्रकोजापकानिर्देशहै! यहीसाधना साधकजनसृष्टि कप्रारंभमे करतेथे। श्रीमद्गवदगीता ಬr तीन मंत्र केस्मरणकी विधि तत्वदर्शी ( पूर्ण ) सन्त बताएगा। - ShareChat santrampaljimaharaj - गीताअध्यायत] थ्लोक २३ मेउस पूर्षपयमान्मा ( सनपुरूष) कीसाधनाकाभीसकैनदियाहै। किहाहैकिउस पूर्ण परमात्माकीप्राप्तिकातौकचल &%@%=~!@6 33 इसतीन मँत्रकोजापकानिर्देशहै! यहीसाधना साधकजनसृष्टि कप्रारंभमे करतेथे। श्रीमद्गवदगीता ಬr तीन मंत्र केस्मरणकी विधि तत्वदर्शी ( पूर्ण ) सन्त बताएगा। गीताअध्यायत] थ्लोक २३ मेउस पूर्षपयमान्मा ( सनपुरूष) कीसाधनाकाभीसकैनदियाहै। किहाहैकिउस पूर्ण परमात्माकीप्राप्तिकातौकचल &%@%=~!@6 33 इसतीन मँत्रकोजापकानिर्देशहै! यहीसाधना साधकजनसृष्टि कप्रारंभमे करतेथे। श्रीमद्गवदगीता ಬr तीन मंत्र केस्मरणकी विधि तत्वदर्शी ( पूर्ण ) सन्त बताएगा। - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_900344_3db9670_1777531887099_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=099_sc.jpg)
![santrampaljimaharaj - SATLOK ASHRAM MundKA जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर। सहजै हीरा नीपजे , जो मन आवै ठौर।[ जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैँ समुद्र उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है। यदि किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए॰ तो मन रूपी अनमौल हीरे की से ज्ञान सहज भाव प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब के अभाव मेँ ही दुःखी और பக ज्ञान अशांत हैँ। वह ज्ञान मन के शांत हौँने पर ही सुलभ होता है। SatlokAshramMundka] SADelhiMundka SatlokAshramMundkaOfficial SATLOK ASHRAM MundKA जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर। सहजै हीरा नीपजे , जो मन आवै ठौर।[ जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैँ समुद्र उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है। यदि किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए॰ तो मन रूपी अनमौल हीरे की से ज्ञान सहज भाव प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब के अभाव मेँ ही दुःखी और பக ज्ञान अशांत हैँ। वह ज्ञान मन के शांत हौँने पर ही सुलभ होता है। SatlokAshramMundka] SADelhiMundka SatlokAshramMundkaOfficial - ShareChat santrampaljimaharaj - SATLOK ASHRAM MundKA जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर। सहजै हीरा नीपजे , जो मन आवै ठौर।[ जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैँ समुद्र उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है। यदि किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए॰ तो मन रूपी अनमौल हीरे की से ज्ञान सहज भाव प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब के अभाव मेँ ही दुःखी और பக ज्ञान अशांत हैँ। वह ज्ञान मन के शांत हौँने पर ही सुलभ होता है। SatlokAshramMundka] SADelhiMundka SatlokAshramMundkaOfficial SATLOK ASHRAM MundKA जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर। सहजै हीरा नीपजे , जो मन आवै ठौर।[ जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैँ समुद्र उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है। यदि किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए॰ तो मन रूपी अनमौल हीरे की से ज्ञान सहज भाव प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब के अभाव मेँ ही दुःखी और பக ज्ञान अशांत हैँ। वह ज्ञान मन के शांत हौँने पर ही सुलभ होता है। SatlokAshramMundka] SADelhiMundka SatlokAshramMundkaOfficial - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_893347_69a53d9_1777531880383_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=383_sc.jpg)