#GodMorningSunday
भक्ति
बिना गुरू धारण किए परमात्मा की भक्ति चार युग तक करते रहना और गुरू धारण करके एक पल अर्थात् एक नाम का स्मरण भी कर लिया तो उसके समान मनमुखी साधना चार युग वाली नहीं है अर्थात् कम है। #santrampaljimaharaj
#GodMorningSunday
राम का नाम
पशु और मनुष्य के अंदर संतों ने कोई
अंतर नहीं बताया।
किसके अंदर ?
जो कि राम का नाम नहीं लेते, परमात्मा का भजन नहीं करते वो मनुष्य पशु समान बताये।
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Sant Rampal Ji Maharaj
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"Gyan Ganga" by JagatGuru Tattvadarshi. #santrampaljimaharaj
#GodMorningSunday
भक्त
को चाहिए कि यदि सांसारिक व्यक्ति आपके भक्ति मार्ग में बाधा उत्पन्न करे तो उसको उलटकर जवाब न देकर अपनी भक्ति को छुपाकर सुरक्षित रखें।
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#GodMorningSunday
गरीब, अधरि सिंहासन गगनि में, बौहरंगी बरियाम।
जाका नाम कबीर है,सारे सब के काम।। परमात्मा कबीर जी का (अधर) ऊपर सतलोक में सिंहासन है। वह सब भक्तों के कार्य सिद्ध करता है।
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#GodMorningSunday
सतयुग
सतयुग में बहुत ही पुण्यकर्मी प्राणी जन्म
लेते हैं। सतयुग में स्त्री विधवा नहीं होती।
पिता से पहले पुत्र की मृत्यु नहीं होती।
आपसी भाई चारा बहुत अच्छा होता है।
चोरी-जारी अन्य बुराईयाँ नाम मात्र में ही होती है। तथा शराब, मांस तम्बाकू आदि का सेवन सतयुग के आदि में प्राणी नहीं करते। #santrampaljimaharaj
#GodMorningSunday
तत्वज्ञान
परमात्मा के गुण वेदों में लिखे हैं कि परमेश्वर ऊपर के लोक में रहता है। वहाँ से गति करके सशरीर पृथ्वी पर आता है। अच्छी आत्माओं को मिलता है। उन्हें तत्त्वज्ञान का उपदेश करता है।
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#GodMorningSaturday
परमेश्वर कबीर जी हमारे दर्द को समझते हैं।
वे सच्चे दरबारी अर्थात पृथ्वी लोक पर वे अपना वेश तथा घर बदलकर आते हैं।
अपने आपको परमेश्वर का दास बताते हैं, संत बताते हैं।
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#GodMorningSaturday
परमात्मा के चोर
कबीर, जो धन पाय न धर्म करत, नाही सद् व्यौहार। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मार।।
भावार्थ- जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। #santrampaljimaharaj
#GodMorningSaturday
दया समान धर्म नहीं
कबीर, क्षमा समान न तप,
सुख नहीं संतोष समान।
तृष्णा समान नहीं ब्याधी कोई,
धर्म न दया समान।।
भावार्थ:-परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है। इसके समान तप नहीं है। संतोष के तुल्य कोई सुख नहीं है। #santrampaljimaharaj
#GodMorningSaturday
गरीब, पतिब्रता सो जानिये, जाके दिल नहिं और।
अपने पीव के चरण बिन, तीन लोक नहिं ठौर।।
भावार्थ:- पतिव्रता यानि एक ईष्ट का उपासक उसे जानो जिसके दिल में अन्य के प्रति श्रद्धा न हो। उसकी आत्मा यह माने कि मेरे परमेश्वर पति के चरणों के अतिरिक्त मेरा तीन लोक में ठिकाना नहीं है। #santrampaljimaharaj













