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#GodMorningThursday गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में उस पूर्ण परमात्मा (सतपुरुष) की साधना का भी संकेत दिया है। कहा है कि उस पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति का तो केवल ॐ-तत्-सत इस तीन मंत्र के जाप का निर्देश है। यही साधना साधक जन सृष्टि के प्रारंभ में करते थे। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - गीताअध्यायत] थ्लोक २३ मेउस पूर्षपयमान्मा ( सनपुरूष) कीसाधनाकाभीसकैनदियाहै। किहाहैकिउस पूर्ण परमात्माकीप्राप्तिकातौकचल &%@%=~!@6 33 इसतीन मँत्रकोजापकानिर्देशहै! यहीसाधना साधकजनसृष्टि कप्रारंभमे करतेथे। श्रीमद्गवदगीता ಬr तीन मंत्र केस्मरणकी विधि तत्वदर्शी ( पूर्ण ) सन्त बताएगा।  गीताअध्यायत] थ्लोक २३ मेउस पूर्षपयमान्मा ( सनपुरूष) कीसाधनाकाभीसकैनदियाहै। किहाहैकिउस पूर्ण परमात्माकीप्राप्तिकातौकचल &%@%=~!@6 33 इसतीन मँत्रकोजापकानिर्देशहै! यहीसाधना साधकजनसृष्टि कप्रारंभमे करतेथे। श्रीमद्गवदगीता ಬr तीन मंत्र केस्मरणकी विधि तत्वदर्शी ( पूर्ण ) सन्त बताएगा। - ShareChat
#GodMorningThursday जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर। सहजै हीरा नीपजे जो मन आवै ठौर।। समुद्र की जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैं उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है यदि मन किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए, तो सहज भाव से ज्ञान रूपी अनमोल हीरे की प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब परमात्मा के ज्ञान के अभाव में दुःखी और अशांत है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - SATLOK ASHRAM MundKA जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर।  सहजै हीरा नीपजे , जो मन आवै ठौर।[ जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैँ समुद्र उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है। यदि किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए॰ तो मन रूपी अनमौल हीरे की से ज्ञान  सहज भाव प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब के अभाव मेँ ही दुःखी और பக ज्ञान अशांत हैँ। वह ज्ञान मन के शांत हौँने पर ही सुलभ होता है। SatlokAshramMundka] SADelhiMundka SatlokAshramMundkaOfficial SATLOK ASHRAM MundKA जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर।  सहजै हीरा नीपजे , जो मन आवै ठौर।[ जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैँ समुद्र उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है। यदि किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए॰ तो मन रूपी अनमौल हीरे की से ज्ञान  सहज भाव प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब के अभाव मेँ ही दुःखी और பக ज्ञान अशांत हैँ। वह ज्ञान मन के शांत हौँने पर ही सुलभ होता है। SatlokAshramMundka] SADelhiMundka SatlokAshramMundkaOfficial - ShareChat
#GodMorningThursday पूर्ण परमात्मा जिसने सर्व प्राणियों के रहने के लिए धरती, आकाश, अग्नि, पवन, पानी आदि पाँच तत्व रचे। वह अपने द्वारा रची सृष्टि का स्वयं ही मालिक है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - पूर्ण परमाल्म जिसने सर्व प्राणियों के रहने के लिए पवन, पानी धरती , आकाश, अग्नि 07 आदि पाँच तत्व रचे। बह अपने द्वारा रची सृष्टि का स्वयं ही मालिक है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज I@SatlokIndore /Satlok Ashram Indore MP ISatlok_Ashram_Indore पूर्ण परमाल्म जिसने सर्व प्राणियों के रहने के लिए पवन, पानी धरती , आकाश, अग्नि 07 आदि पाँच तत्व रचे। बह अपने द्वारा रची सृष्टि का स्वयं ही मालिक है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज I@SatlokIndore /Satlok Ashram Indore MP ISatlok_Ashram_Indore - ShareChat
#GodMorningThursday सत्य साधना करने से परमात्मा के प्रति प्रेम उत्पन्न होता है आँखों में आसुओं की धारा बह चलती है इसे बिन बादल की बारिश कहते हैं सत्य साधना पापनाश करती है दिल रूपी दरिया स्वच्छ होती है यानी साधक नेक दिल का व्यक्ति हो जाता है। अधिक जानकारी के लिए पवित्र पुस्तक “ज्ञान गंगा” निःशुल्क प्राप्त करें। अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर हमें व्हाट्सएप करें+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - सत्य साधना पाप नाशक सत्य साधना करने से परमात्मा के प्रति प्रेम उत्पन्न होता है आँखों में आसुओं की धारा बह चलती है बिन बादल की बारिश कहते हैं इसे सत्य साधना पाप नाश करती है दिल रूपी दरिया स्वच्छ होती है यानी साधक नेक दिल का व्यक्ति हो जाता है जगतगुरू तत्त्चदर्शी संत रामपाल जीमहाराज 8 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL JI MAHARAJ सत्य साधना पाप नाशक सत्य साधना करने से परमात्मा के प्रति प्रेम उत्पन्न होता है आँखों में आसुओं की धारा बह चलती है बिन बादल की बारिश कहते हैं इसे सत्य साधना पाप नाश करती है दिल रूपी दरिया स्वच्छ होती है यानी साधक नेक दिल का व्यक्ति हो जाता है जगतगुरू तत्त्चदर्शी संत रामपाल जीमहाराज 8 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningThursday परमात्मा कबीर साहेब की वाणी मन मैला तन ऊजरा, बगुला कपटी अंग! तासौं तो कौवा भला, तन मन एकहि रंगी! कबीर परमात्मा जी कहते हैं कि जो बगुले के समान कपटी हैं, जिनका मन मैला और तन उजला है, उनसे तो कौआ ही अच्छा है जो तन-मन से एक ही जैसा है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - ಭa(C39s मन मैला तन ऊजरा , बगुला कपटी अंग। तासौं तो कौवा भला , तन मन एकहि अंग।।  कबीर परमात्मा जी कहते हैं कि जो बगुले के समान कपटी हैँ, जिसका मन मैला और तन उजला है, उनसे तो कौआ ही अच्छा है जो तन॰मन से एक ही जैसा है। Jagatgururampalji org Satloklndore Satlok Ashram Indore wwW . ಭa(C39s मन मैला तन ऊजरा , बगुला कपटी अंग। तासौं तो कौवा भला , तन मन एकहि अंग।।  कबीर परमात्मा जी कहते हैं कि जो बगुले के समान कपटी हैँ, जिसका मन मैला और तन उजला है, उनसे तो कौआ ही अच्छा है जो तन॰मन से एक ही जैसा है। Jagatgururampalji org Satloklndore Satlok Ashram Indore wwW . - ShareChat
#GodMorningThursday कबीर, क्षमा समान न तप,सुख नहीं संतोष समान। तृष्णा समान नहीं व्याधि कोई,धर्म न दया समान॥ परमेश्वर कबीरजी ऐसा कहा गया है कि क्षमा करना सबसे बड़ा तप है, उसके समान कोई तप नहीं है। संतोष के बराबर कोई सुख नहीं है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - Soos [ " धर्म ध कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नहीं संतोष समान। तृष्णा समान नहीं व्याधि कोई, धर्म न दया समान।। परमेश्वर कबीरजी ऐसा कहा गया है कि क्षमा करना सबसे बड़ा तप है, उसके समान कोई तप नहीं है। संतोष के बराबर कोई सुख नहीं है। किसी बस्तु को पाने की इच्छा ( तृष्णा ) के समान कोई रोग नहीं है, और दया के समान कोई धर्म नहीं है। बंदीछोड़ सतगुरु रामपालजी महाराज @SATLOKTVGUJARAT @SATLOKTVGUJARAT @SATLOK TV GUJARAT Soos [ धर्म ध कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नहीं संतोष समान। तृष्णा समान नहीं व्याधि कोई, धर्म न दया समान।। परमेश्वर कबीरजी ऐसा कहा गया है कि क्षमा करना सबसे बड़ा तप है, उसके समान कोई तप नहीं है। संतोष के बराबर कोई सुख नहीं है। किसी बस्तु को पाने की इच्छा ( तृष्णा ) के समान कोई रोग नहीं है, और दया के समान कोई धर्म नहीं है। बंदीछोड़ सतगुरु रामपालजी महाराज @SATLOKTVGUJARAT @SATLOKTVGUJARAT @SATLOK TV GUJARAT - ShareChat
#GodMorningThursday मुझसे बुरा न कोय दूसरे में बुराई निकालने से पहले अपने अंदर झांकना चाहिए। आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - ٧٤٤ वकौय निकालने दूसरे में बुराई अंदर 39ী पहले से चाहिए। झांकना बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER X SANT RAMPAL JI SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL JI MAHARAJ ٧٤٤ वकौय निकालने दूसरे में बुराई अंदर 39ী पहले से चाहिए। झांकना बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER X SANT RAMPAL JI SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningTuesday 'कबीर वाणी' पढ़ि पढ़ाबै कछु नहीं, ब्राह्मण भक्ति ना जान। ब्याहै, श्राधै कारनै, बैठा सुन्दा तान।। अर्थात ब्राह्मण लोग गीता वेद आदि ग्रंथों से यथार्थ ज्ञान तो पढ़ते पढ़ाते भी नहीं हैं और भक्ति के विषय में कुछ भी नहीं जानते हैं। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - AES राजस्थान कबीर वाणीः कछु नही, ब्राह्मण भक्ति ना जान। এতি पढ़ाबे ब्याहै, श्राधै कारनै , बैठा सुन्दा तान।। अर्थात ब्राह्यण लोग गीता वेद आदि ग्रंथों से यथार्थ ज्ञान भी नही हैं और भक्ति के विषय में कुछ भी নী এনন এমন नही जानते हैं। लेकिन शादी न्याह और श्राद्धकर्म कराने में लोभवश मुंह फाड़कर बैठे रहते हैं। इसलिए श्राद्ध केवल धार्मिक धांधा SANews Channel Folow us on: SANEWS.in SA News Rajasthan AES राजस्थान कबीर वाणीः कछु नही, ब्राह्मण भक्ति ना जान। এতি पढ़ाबे ब्याहै, श्राधै कारनै , बैठा सुन्दा तान।। अर्थात ब्राह्यण लोग गीता वेद आदि ग्रंथों से यथार्थ ज्ञान भी नही हैं और भक्ति के विषय में कुछ भी নী এনন এমন नही जानते हैं। लेकिन शादी न्याह और श्राद्धकर्म कराने में लोभवश मुंह फाड़कर बैठे रहते हैं। इसलिए श्राद्ध केवल धार्मिक धांधा SANews Channel Folow us on: SANEWS.in SA News Rajasthan - ShareChat
#GodMorningTuesday ऊंचा धाम वह स्थान है जहाँ परमेश्वर कबीर जी का निवास बताया गया है। संत गरीबदास जी को स्वयं कबीर परमेश्वर मिले, उन्हें ब्रह्मांडों व सतलोक का ज्ञान कराया। उन्होंने बताया कि तीनों लोकों से ऊपर कबीर का सर्वोच्च धाम है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - ऊँचा धाम संत गरीबदास जी को परमेश्र्वर कबीर जी स्वयं मिले थे। उनको ऊपर के ब्रह्मंडों में लेकर गए थे। सब देवों की स्थिति से अवगत करवाया था। अपने सतलोक में भी लेकर गए थे। अपनी स्थिति से भी अवगत करवाया था। फिर वापिस के ऊपर छोडा था। पृथ्वी गरीबदास जी ने बताया है किः तब संत विष्णु  गरीब, तीन लोक का राज है॰ ब्रह्मा महेश। ऊँचा घाम कबीर का, सतलोक प्रदेश।| बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPPEMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARA ऊँचा धाम संत गरीबदास जी को परमेश्र्वर कबीर जी स्वयं मिले थे। उनको ऊपर के ब्रह्मंडों में लेकर गए थे। सब देवों की स्थिति से अवगत करवाया था। अपने सतलोक में भी लेकर गए थे। अपनी स्थिति से भी अवगत करवाया था। फिर वापिस के ऊपर छोडा था। पृथ्वी गरीबदास जी ने बताया है किः तब संत विष्णु  गरीब, तीन लोक का राज है॰ ब्रह्मा महेश। ऊँचा घाम कबीर का, सतलोक प्रदेश।| बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPPEMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARA - ShareChat
#GodMorningTuesday सांसारिक चीं-चूं में ही भक्ति करनी पड़ेगी जैसे रहट की चीं-चूं आवाज बंद करने से पानी भी रुक जाता है, वैसे ही यदि हम संसार की हलचल से भागेंगे, तो भक्ति भी नहीं कर पाएंगे। ⤵️ इसलिए संसार के कार्य कभी शांत नहीं होंगे, इन्हीं के बीच भक्ति, स्मरण और सत्संग करना होगा। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - सांसारिक चीं-चूं में ही भक्ति करनी पड़ेगी जैसे रहट की चीं ्चूं आवाज बंद करने से पानी भी रुक जाता है,वैसे ही यदि हम संसार की हलचल से भागेंगे , तो भक्ति भी नहीं कर पाएंगे | इसलिए संसार के कार्य कभी शांत नहीं होंगे , इन्हीं के बीच भक्ति,  स्मरण और सत्संग करना होगा | రకె' बंदी सतगुरु रामपाल जी महाराज fe SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji SUPREMEGODORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ सांसारिक चीं-चूं में ही भक्ति करनी पड़ेगी जैसे रहट की चीं ्चूं आवाज बंद करने से पानी भी रुक जाता है,वैसे ही यदि हम संसार की हलचल से भागेंगे , तो भक्ति भी नहीं कर पाएंगे | इसलिए संसार के कार्य कभी शांत नहीं होंगे , इन्हीं के बीच भक्ति,  स्मरण और सत्संग करना होगा | రకె' बंदी सतगुरु रामपाल जी महाराज fe SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji SUPREMEGODORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat