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#GodMorningFriday "भक्ति से ही दुःख का अंत" आध्यात्मिक ज्ञान के अभाव में परमात्मा के विधान से अपरिचित होने के कारण यह प्राणी इस दुखों के घर संसार में महान कष्ट झेल रहा है और इसी को सुख स्थान मान रहा है। आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - भक्ति ٦ ٤ दःख का अंत यह संसार समझदा नाहीं, कहंदा शाम दुपहरे नूँ। गरीबदास यह वक्त जात है, रोवोगे इस पहरे नूँ।। भावार्थ आध्यात्मिक ज्ञान के अभाव में परमात्मा के विधान से अपरिचित होने के कारण यह प्राणी इस दुखों के घर संसार में महान कष्ट झेल रहा है और इसी को सुख स्थान मान रहा है। बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज { SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ भक्ति ٦ ٤ दःख का अंत यह संसार समझदा नाहीं, कहंदा शाम दुपहरे नूँ। गरीबदास यह वक्त जात है, रोवोगे इस पहरे नूँ।। भावार्थ आध्यात्मिक ज्ञान के अभाव में परमात्मा के विधान से अपरिचित होने के कारण यह प्राणी इस दुखों के घर संसार में महान कष्ट झेल रहा है और इसी को सुख स्थान मान रहा है। बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज { SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningFriday छप्पन भोग नर से फिर पशुवा कीजै, गधा, बैल बनाई। छप्पन भोग कहां मन बौरे, कहीं कुरड़ी चरने जाई।। मनुष्य जीवन में हम कितने अच्छे अर्थात 56 प्रकार के भोजन खाते हैं। भक्ति न करने से या शास्त्र विरुद्ध साधना करने से गधा बनेगा, फिर ये 56 प्रकार के भोजन कहां प्राप्त होंगे कहीं कुरड़ीयो पर पेट भरने के लिए घास खाने जाएगा। इसी प्रकार बैल आदि-आदि पशुओं की योनियों में कष्ट पर कष्ट उठाएगा। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - छप्पन भोग नर से फिर पशुवा कीजै , गधा, बैल बनाई। छप्पन भोग कहाँ मन बौरे, कहीं कुरड़ी चरने जाई।। मनुष्य जीवन में हम कितने अच्छे अर्थात् ५६ भावार्थ प्रकार के भोजन खाते हैं। भक्ति न करने से या शास्त्रविरुद्ध साधना करने से गधा बनेगा, फिर ये छप्पन प्रकार के भोजन कहाँ प्राप्त होँगे, कहीं कुरड़ियों [रूड़ी] पर पेट भरने प्रकार बैल आदिआदि fg घास खाने जाएगा | ক इसी पशुओं की योनियों में कष्ट पर कष्ट उठाएगा | बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज = SPIRIUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ छप्पन भोग नर से फिर पशुवा कीजै , गधा, बैल बनाई। छप्पन भोग कहाँ मन बौरे, कहीं कुरड़ी चरने जाई।। मनुष्य जीवन में हम कितने अच्छे अर्थात् ५६ भावार्थ प्रकार के भोजन खाते हैं। भक्ति न करने से या शास्त्रविरुद्ध साधना करने से गधा बनेगा, फिर ये छप्पन प्रकार के भोजन कहाँ प्राप्त होँगे, कहीं कुरड़ियों [रूड़ी] पर पेट भरने प्रकार बैल आदिआदि fg घास खाने जाएगा | ক इसी पशुओं की योनियों में कष्ट पर कष्ट उठाएगा | बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज = SPIRIUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningFriday पाप रूपी गड्ढे़ व कांटे परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि:- कबीर, साधक के लक्षण कहूँ, रहै जो पतिव्रता नारी। कह कबीर परमात्मा को, लगै आत्मा प्यारी।। पतिव्रता के भक्ति पथ को, आप साफ करें करतार। आन उपासना त्याग दे, सो पतिव्रता पार।। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - पाप रूपी S6q%ic कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि ४- कबीर , साधक के लक्षण कहूँ॰ रहै ज्यों पतिव्रता नारी [ कह कबीर परमात्मा को , लगै आत्मा प्यारी ।l पतिव्रता के भक्ति पथ को , आप साफ करे करतार दे, सो पतिव्रता पार आन उपासना त्याग बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGOUORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ पाप रूपी S6q%ic कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि ४- कबीर , साधक के लक्षण कहूँ॰ रहै ज्यों पतिव्रता नारी [ कह कबीर परमात्मा को , लगै आत्मा प्यारी ।l पतिव्रता के भक्ति पथ को , आप साफ करे करतार दे, सो पतिव्रता पार आन उपासना त्याग बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGOUORG @SAINTRAMPAUIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningFriday गरीब, तन मन सेती दूर है, मांहे मंझ मिलाप। तरबर छाया विरछ में, है सो आपे आप।। सरलार्थ:- वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे स्थूल शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते। वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - गरीब, तन मन सेनी मांहे मंझ मिल्ाप | दूरहै, तरबर छाया विरछर्मे, हैसो आपे आप।| सरलार्थः वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे स्थूल शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते | वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। जैसे तरवर (वृक्ष ) की छाया वृक्ष का ही प्रतिबिंब होती है। ऐसे परमेश्वर तो सतलोक आदि आदि ऊपर के लोकों में है। उसकी शक्ति वृक्ष की छाया की तरह सर्व ब्रह्याण्डों में फैली है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ गरीब, तन मन सेनी मांहे मंझ मिल्ाप | दूरहै, तरबर छाया विरछर्मे, हैसो आपे आप।| सरलार्थः वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे स्थूल शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते | वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। जैसे तरवर (वृक्ष ) की छाया वृक्ष का ही प्रतिबिंब होती है। ऐसे परमेश्वर तो सतलोक आदि आदि ऊपर के लोकों में है। उसकी शक्ति वृक्ष की छाया की तरह सर्व ब्रह्याण्डों में फैली है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningFriday संत दर्शन संत मिलन को चालिए, तज माया अभिमान। जो-जो पग आगे धरे, सो-सो यज्ञ समान || भावार्थ:- कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि हे भक्त/भक्तमति पूर्ण संत यानि अपने सतगुरू के दर्शन के लिए अपने धान व पद का अभिमान त्याग चलना। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - संत दर्थन संत मिलन को चालिए, तज माया अभिमान। जो-जो पग आगे धरै॰ सो-सो यज्ञ समान |। भावार्थः कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि हे भक्त / भक्तमति पूर्ण संत यानि अपने लिए सतलुरू के दर्शन के ea' aravr ಹl uinmn ನprarFil लिए ऐेसे संत दर्शन के चलते हैं॰ उनका प्रत्येक कदम एक यज्ञ क तुल्य लाभ देता है। जिगतवरु तत्वदशीर्सत रामपलजी महाराज JagatGuruRampalli.org SatlokAshamshamlip SaNokShamliup WWE संत दर्थन संत मिलन को चालिए, तज माया अभिमान। जो-जो पग आगे धरै॰ सो-सो यज्ञ समान |। भावार्थः कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि हे भक्त / भक्तमति पूर्ण संत यानि अपने लिए सतलुरू के दर्शन के ea' aravr ಹl uinmn ನprarFil लिए ऐेसे संत दर्शन के चलते हैं॰ उनका प्रत्येक कदम एक यज्ञ क तुल्य लाभ देता है। जिगतवरु तत्वदशीर्सत रामपलजी महाराज JagatGuruRampalli.org SatlokAshamshamlip SaNokShamliup WWE - ShareChat
#GodMorningFriday संत के सामने यह मन भाग जाता है और ये आत्मा ऊपर आ जाती है क्योंकि परमात्मा आत्मा का साथी है। "अन्तर्यामी एक तू आत्म के आधार।" आत्मा का आधार कबीर भगवान है।संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - ~6clea बैनूल 3 संत के सामने यह मन भाग जाता है और ये आत्मा ऊपर आ जाती है क्योंकि परमात्मा आत्मा का साथी है। अन्तर्यामी एक तू आत्म के आधार [ आत्मा का आाधार कबीर भगवान है। जिगतगरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज @SatlokAshramBetul @Sdtlok_Ashrom_Betul @SdtlokBetul_ ~6clea बैनूल 3 संत के सामने यह मन भाग जाता है और ये आत्मा ऊपर आ जाती है क्योंकि परमात्मा आत्मा का साथी है। अन्तर्यामी एक तू आत्म के आधार [ आत्मा का आाधार कबीर भगवान है। जिगतगरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज @SatlokAshramBetul @Sdtlok_Ashrom_Betul @SdtlokBetul_ - ShareChat
#GodMorningThursday "परमात्मा जो करता है, अच्छा ही करता है" दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की रह में कितना ही कष्ट आए,मन में यही आए की परमात्मा जो करता है, भक्त के भले में ही करता है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - {63c3 5 "परमात्मा जो करता है, अच्छाही करता दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की राह में कितना ही कष्ट आए॰ मन में यही आए कि परमात्मा जो करता है॰ भक्त के भले में ही करता है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok_Ashram_Betull @SatlokBetul {63c3 5 "परमात्मा जो करता है, अच्छाही करता दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की राह में कितना ही कष्ट आए॰ मन में यही आए कि परमात्मा जो करता है॰ भक्त के भले में ही करता है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok_Ashram_Betull @SatlokBetul - ShareChat
#GodMorningThursday कलयुग में जीवन थोड़ा है,करले बेंग सम्भार। योग साधना नहीं बन सकै, केवल नाम आधार ।। चूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब जी कलयुग में केवल सच्चे नाम से मुक्ति सम्भव है अन्य किसी साधना से नहीं। अधिक जानकारी के लिए पवित्र पुस्तक “ज्ञान गंगा” निःशुल्क प्राप्त करें। अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर हमें व्हाट्सएप करें+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - कबीर वचन थोडा कलयुग में जीवन &, करले बेग सम्भार। योग साधना नही बन सकै , पूर्णी बह्म कवी२ शाहेय जी केवल नाम आधार।। कलयुग में केवल सच्चे नाम से मुक्ति सम्भव है अन्य किसी साधना से नहीं। संत रामपाल जी महाराज TheRealWorship TheRealWorship SUPREMEGOD ORG TheRealWorship] कबीर वचन थोडा कलयुग में जीवन &, करले बेग सम्भार। योग साधना नही बन सकै , पूर्णी बह्म कवी२ शाहेय जी केवल नाम आधार।। कलयुग में केवल सच्चे नाम से मुक्ति सम्भव है अन्य किसी साधना से नहीं। संत रामपाल जी महाराज TheRealWorship TheRealWorship SUPREMEGOD ORG TheRealWorship] - ShareChat
#GodMorningThursday कबीर, सुमिरण से सुख होत है, सुमिरण से दुःख जाए। कहैं कबीर सुमिरण किए, सांई माहिं समाय ।। भावार्थ: परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि नाम (उपदेश) को केवल दुःख निवारण की दृष्टि कोण से नहीं लेना चाहिए बल्कि आत्म कल्याण के लिए लेना चाहिए। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - CATLOKASHRAC MNDKA से सुख होत है, सुमिरण से दुःख जाए। कबीर, सुमिरण कहैं कबीर सुमिरण किए, सांई माहिं समाय।। भावार्थः परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि नाम ( उपदेश) को केवल दुःख निवारण की दृष्टि कोण से नहीं लेना चाहिए बल्कि आत्म लिए लेना चाहिए। फिर सुमिरण से सर्व सुख अपने आप कल्याण के जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। आ SAILOK ASHRAM MUNDKA 0FFICIAL FOLLOW US ON SAMUNDKADELHI SADELHIMUNDKA CATLOKASHRAC MNDKA से सुख होत है, सुमिरण से दुःख जाए। कबीर, सुमिरण कहैं कबीर सुमिरण किए, सांई माहिं समाय।। भावार्थः परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि नाम ( उपदेश) को केवल दुःख निवारण की दृष्टि कोण से नहीं लेना चाहिए बल्कि आत्म लिए लेना चाहिए। फिर सुमिरण से सर्व सुख अपने आप कल्याण के जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। आ SAILOK ASHRAM MUNDKA 0FFICIAL FOLLOW US ON SAMUNDKADELHI SADELHIMUNDKA - ShareChat
#GodMorningThursday परमात्मा के चोर जो धन पाय न धर्म करत, नाही सद व्यौहार। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मार।। जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें जो दान नहीं करते और न ही अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - க8 SAEWS उत्तराखंड परमात्मा के चोर जो धन पाय त धर्म करत, नहीं लद व्योहट। sl& & %<7 ஈd ஈRII लो प्रभु के भावारथः जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो जोडने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। माया SANews Uttarakhand] SA News Uttarakhand] SaNewsin க8 SAEWS उत्तराखंड परमात्मा के चोर जो धन पाय त धर्म करत, नहीं लद व्योहट। sl& & %<7 ஈd ஈRII लो प्रभु के भावारथः जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो जोडने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। माया SANews Uttarakhand] SA News Uttarakhand] SaNewsin - ShareChat