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#GodMorningSaturday परमेश्वर कबीर जी हमारे दर्द को समझते हैं। वे सच्चे दरबारी अर्थात पृथ्वी लोक पर वे अपना वेश तथा घर बदलकर आते हैं। अपने आपको परमेश्वर का दास बताते हैं, संत बताते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - परमेश्वर कबीर जी हमारे दर्द को समझते हैं। वे सच्चे दरबारी अर्थात पृथ्वी लोक पर वे अपना वेश तथा घर बदॅलकर आते हैं l अपने आपको परमेश्वर का दास बताते हैं , संत बताते हैं । (ant SRampal oi CYahataj 43 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ परमेश्वर कबीर जी हमारे दर्द को समझते हैं। वे सच्चे दरबारी अर्थात पृथ्वी लोक पर वे अपना वेश तथा घर बदॅलकर आते हैं l अपने आपको परमेश्वर का दास बताते हैं , संत बताते हैं । (ant SRampal oi CYahataj 43 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday परमात्मा के चोर कबीर, जो धन पाय न धर्म करत, नाही सद् व्यौहार। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मार।। भावार्थ- जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - परमान्मा के चोर कबीर, जो धन पाय न धर्म करत , नाही सद् व्यौहार। चोर है, फिरते मारो मार।। प्रभु के M भावार्थ - जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। Gampal dtahanaj Jand SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ परमान्मा के चोर कबीर, जो धन पाय न धर्म करत , नाही सद् व्यौहार। चोर है, फिरते मारो मार।। प्रभु के M भावार्थ - जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। Gampal dtahanaj Jand SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday दया समान धर्म नहीं कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नहीं संतोष समान। तृष्णा समान नहीं ब्याधी कोई, धर्म न दया समान।। भावार्थ:-परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है। इसके समान तप नहीं है। संतोष के तुल्य कोई सुख नहीं है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - दया समान ೪ धर्म नर्ही Nv & कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नर्ही संतोष समान। तृष्णॉ समान नर्ही ब्याधी कोई, } धर्म न दया समान। | भावार्थ- परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है। इसके समान तप नर्ही है। संतोष के तुल्य कोई सुख नर्ही है। किसी वस्तु की प्राप्ति की इच्छा के समान कोई आपदा नर्ही है और दया के समान धर्म नर्ही है। SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ दया समान ೪ धर्म नर्ही Nv & कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नर्ही संतोष समान। तृष्णॉ समान नर्ही ब्याधी कोई, } धर्म न दया समान। | भावार्थ- परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है। इसके समान तप नर्ही है। संतोष के तुल्य कोई सुख नर्ही है। किसी वस्तु की प्राप्ति की इच्छा के समान कोई आपदा नर्ही है और दया के समान धर्म नर्ही है। SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday गरीब, पतिब्रता सो जानिये, जाके दिल नहिं और। अपने पीव के चरण बिन, तीन लोक नहिं ठौर।। भावार्थ:- पतिव्रता यानि एक ईष्ट का उपासक उसे जानो जिसके दिल में अन्य के प्रति श्रद्धा न हो। उसकी आत्मा यह माने कि मेरे परमेश्वर पति के चरणों के अतिरिक्त मेरा तीन लोक में ठिकाना नहीं है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - पतिव्रता गरीब , पतिब्रता सो जानिये , जाके दिल नहिंऔर। अपने पीव के चरण बिन, तीन लोक नहिंठौर। | भावार्थः- पतिव्रता यानि एक ईष्ट का उपासक उसे जानो जिसके दिल में अन्य के प्रति श्रद्धा न हो। उसकी आत्मा यह माने कि मेरे परमेश्वर पति के चरणोंके अतिरिक्त मेरा तीन लोक में ठिकाना नहोंहै। (Sant Rampal ohi YMahataj = SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAIT RAMPAL JI MAHARAJ पतिव्रता गरीब , पतिब्रता सो जानिये , जाके दिल नहिंऔर। अपने पीव के चरण बिन, तीन लोक नहिंठौर। | भावार्थः- पतिव्रता यानि एक ईष्ट का उपासक उसे जानो जिसके दिल में अन्य के प्रति श्रद्धा न हो। उसकी आत्मा यह माने कि मेरे परमेश्वर पति के चरणोंके अतिरिक्त मेरा तीन लोक में ठिकाना नहोंहै। (Sant Rampal ohi YMahataj = SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAIT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday कबीर, गुरु सीढ़ी से उतरे, शब्द बिहूना होय। ताको काल घसीटही, राख सकै ना कोय।। भावार्थ :- गुरु से नाम दीक्षा लेकर जो मर्यादा तोड़ देता है, वह अगले जन्म में भैंस के काटड़े के रूप में जन्म लेगा। जो गुरु जी से आडा-टेढ़ा (अशब्द) बोलता है, वह पशु बनेगा। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - कबीर, गुरु सीढ़ी से उतरे, शब्द बिहूना होय। ताको काल घसीटही, राख सकै ना कोय। | भावार्थ :- गुरु से नाम दीक्षा लेकर जो मर्यादा तोड़ देता है, वह अगले जन्म मैं भैंस के काटड़े के रूप में जन्म लेगा। जो गुरु जी से आडा-टेढ़ा (अशब्द) बौलता है, वह पशु बनेगा। जो शिष्य गुरु जी की सीढ़ी यानि भक्ति मार्ग  से उतर जाता है यानि गुरु जी द्वारा बताई भक्ति छोड़ देता है, उसका नाम समाप्त हा जाता है। उसको काल घसीटकर ले जाएगा , उसको कोई नहीं छुड़वाएगा। Sat Xampal CZOnalaliay 11 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ कबीर, गुरु सीढ़ी से उतरे, शब्द बिहूना होय। ताको काल घसीटही, राख सकै ना कोय। | भावार्थ :- गुरु से नाम दीक्षा लेकर जो मर्यादा तोड़ देता है, वह अगले जन्म मैं भैंस के काटड़े के रूप में जन्म लेगा। जो गुरु जी से आडा-टेढ़ा (अशब्द) बौलता है, वह पशु बनेगा। जो शिष्य गुरु जी की सीढ़ी यानि भक्ति मार्ग  से उतर जाता है यानि गुरु जी द्वारा बताई भक्ति छोड़ देता है, उसका नाम समाप्त हा जाता है। उसको काल घसीटकर ले जाएगा , उसको कोई नहीं छुड़वाएगा। Sat Xampal CZOnalaliay 11 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday कबीर हरि गरीब, सतगुरु शरणा आये, कुसमय मिट जाए सारा। दास गरीब, कबीर हरि, सब दुख के हरने हारा।। सतगुरु कबीर जी की शरण में आने से हमारा कुसमय, दुर्दिन, बुरे से बुरा समय कतई सारा खत्म हो जाएगा। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - कबीरहरि गरीब , सतगुरु शरणा आये, कुसमय मिट जाए सारा। कबीर हरि , सब दुख के हरने हारा।। दास गरीब , ) सतगुरु कबीर की शरण में आने से दुर्दिन, बुरे हमारा कुसमय से बुरा समय कतई सारा खत्म हा जाएगा| जगतगुरु तत्वदर्शी संत शमपाल जी महारज SPIRITUAL LEADER 25 SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ कबीरहरि गरीब , सतगुरु शरणा आये, कुसमय मिट जाए सारा। कबीर हरि , सब दुख के हरने हारा।। दास गरीब , ) सतगुरु कबीर की शरण में आने से दुर्दिन, बुरे हमारा कुसमय से बुरा समय कतई सारा खत्म हा जाएगा| जगतगुरु तत्वदर्शी संत शमपाल जी महारज SPIRITUAL LEADER 25 SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningFriday चतुराई चुल्है पड़े, ज्ञान कथै हुलसाय। भाव भक्ति जानै बिना, ज्ञानपनो चलि जाय।। सद् आचरण के अभाव में जो बहुत चतुराई से ज्ञान का प्रवचन करते हैं, उनकी ऐसी समझ बुद्धि चूल्हे में पड़कर जल जाए। भक्ति भाव के बिना तो सारा ज्ञान चला जाता है। ज्ञान की स्थिरता के लिए भक्ति-साधना का होना परम आवश्यक है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - स्वर्णयुग पडे॰ ज्ञान कथै हुलसाय | चतुराई चुल्है भाव भक्ति जानै बिना॰ ज्ञानपनो चलि जाय 1 सरलार्थः- सद आचरण के अभाव में जो बहुत चतुराई से ज्ञान का प्रवचन करते है, उनकी ऐसी समझ - बुद्धि चूल्हे में पडक़र जल जाए। भक्ति भाव के बिना तो सारा ज्ञान भी चला जाता है। ज्ञान की स्थिरता के लिए भक्ति - साधना का होना परम आवश्यक है। संतरमपालजी मह्ाराज जी Sant Rampal Ji Maharaj संत रामपाल जी महाराज जी से App Download कीजिये ஈgக निःशुल्क नामदीक्षा व के लिये संपर्क सूत्र  কসন +91 7496801823 P पुस्तळ प्राप्त  Gooes Follow us on: SVARNAYUGA @SVARNAYUGA SUPREMEGOD.ORG स्वर्णयुग पडे॰ ज्ञान कथै हुलसाय | चतुराई चुल्है भाव भक्ति जानै बिना॰ ज्ञानपनो चलि जाय 1 सरलार्थः- सद आचरण के अभाव में जो बहुत चतुराई से ज्ञान का प्रवचन करते है, उनकी ऐसी समझ - बुद्धि चूल्हे में पडक़र जल जाए। भक्ति भाव के बिना तो सारा ज्ञान भी चला जाता है। ज्ञान की स्थिरता के लिए भक्ति - साधना का होना परम आवश्यक है। संतरमपालजी मह्ाराज जी Sant Rampal Ji Maharaj संत रामपाल जी महाराज जी से App Download कीजिये ஈgக निःशुल्क नामदीक्षा व के लिये संपर्क सूत्र  কসন +91 7496801823 P पुस्तळ प्राप्त  Gooes Follow us on: SVARNAYUGA @SVARNAYUGA SUPREMEGOD.ORG - ShareChat
#GodMorningFriday कथनी मीठी खांड सी, करनी विष की लोय । कथनी से करनी करै, विष से अमृत होय ।। सरलार्थः - ऐसे कपटी लोगों से हमेशा सावधान रहना चाहिए, जिनकी कथनी खांड जैसी मीठी होती है, परंतु उनकी करनी विष के गोले की भांति भयंकर महा-दुःखदायी होती है। पवित्र कथनी के अनुसार यदि करनी भी की जाए, बुराइयां भी अमृत बन जाती है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - स्वर्णयुग कथनी मीठी खांड सी, करनी विष की लोय कथनी से करनी करै, विष से अमृत होय ।l सरलार्थः ऐसे कपटी लोगों से हमेशा सावधान रहना चाहिए जिनकी कथनी खांड जैसी मीठी होती है॰ परंतु उनकी करनी विष के गोले की भांति भयंकर महा - दुःखढ़ायी होती है। पवित्र कथनी के अनुसार यढ़ि करनी भी की जाए॰ तो विष जैसी बुराइयां भी अमृत बन जाती है। निःशुल्क पाएं पकित्र पुरतक 'acirlall' எஎச் 717 +91 7496801823 @SVARNAYUGA SVARNAYUGA Follow us on: SUPREMEGOD.ORG स्वर्णयुग कथनी मीठी खांड सी, करनी विष की लोय कथनी से करनी करै, विष से अमृत होय ।l सरलार्थः ऐसे कपटी लोगों से हमेशा सावधान रहना चाहिए जिनकी कथनी खांड जैसी मीठी होती है॰ परंतु उनकी करनी विष के गोले की भांति भयंकर महा - दुःखढ़ायी होती है। पवित्र कथनी के अनुसार यढ़ि करनी भी की जाए॰ तो विष जैसी बुराइयां भी अमृत बन जाती है। निःशुल्क पाएं पकित्र पुरतक 'acirlall' எஎச் 717 +91 7496801823 @SVARNAYUGA SVARNAYUGA Follow us on: SUPREMEGOD.ORG - ShareChat
#GodMorningFriday सत का सौदा जो करें, दम्भ छल छिद्र त्यागै। अने भाग का धन लहै, परधन विष सम लागे।। अपने जीवन में परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिए, जो अपने भाग्य में धन लिखा है, उसी में संतोष करना चाहिए। परधन को विष के समान समझें। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - Rld कगछ की दया सत का सौदा जो करें, दम्भ छल छिद्र त्यागै | अपने भाग का धन लहै, परधन विष सम लागे ।। अपने जीवन मैं परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिए, जो अपने भाग्य में धन लिखा है, उसी में संतोष करना चाहिए। परधन को विष के समान समझें। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जगतगरू SAT KABIR SATKABIR KIDAYA SATKABIR SUPREMEGODORG KI DAYA Rld कगछ की दया सत का सौदा जो करें, दम्भ छल छिद्र त्यागै | अपने भाग का धन लहै, परधन विष सम लागे ।। अपने जीवन मैं परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिए, जो अपने भाग्य में धन लिखा है, उसी में संतोष करना चाहिए। परधन को विष के समान समझें। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जगतगरू SAT KABIR SATKABIR KIDAYA SATKABIR SUPREMEGODORG KI DAYA - ShareChat
#GodMorningFriday आज कलियुग में भक्त समाज के सामने पूर्ण गुरू की पहचान करना सबसे जटिल प्रश्न बना हुआ है। लेकिन इसका बहुत ही लघु और साधारण-सा उत्तर है कि जो गुरू शास्त्रों के अनुसार भक्ति करता है और अपने अनुयाइयों अर्थात् शिष्यों द्वारा करवाता है वही पूर्ण संत है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - ٥ ٦٦ ٩٩٦ 729' कलियुग में भक्त सामाज के सामने गुरू की पूर्ण अज पहचान करना राबसे जटिल प्रश्न बना हुआ है। लेकिन इसका बहुत ही लघु और साधारणन्सा उत्तर है कि जो गुरू शास्त्रों के अनुसार भक्ति करता है और अपने अनुयाइयों अर्थात् शिष्यों द्वारा करवाता है वही पूर्ण संत है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज fo SPIRIUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ ٥ ٦٦ ٩٩٦ 729' कलियुग में भक्त सामाज के सामने गुरू की पूर्ण अज पहचान करना राबसे जटिल प्रश्न बना हुआ है। लेकिन इसका बहुत ही लघु और साधारणन्सा उत्तर है कि जो गुरू शास्त्रों के अनुसार भक्ति करता है और अपने अनुयाइयों अर्थात् शिष्यों द्वारा करवाता है वही पूर्ण संत है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज fo SPIRIUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat