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#GodMorningSunday भक्ति बिना गुरू धारण किए परमात्मा की भक्ति चार युग तक करते रहना और गुरू धारण करके एक पल अर्थात् एक नाम का स्मरण भी कर लिया तो उसके समान मनमुखी साधना चार युग वाली नहीं है अर्थात् कम है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - Qr: संदेश भक्ति }ম बिना गुरू धारण किए परमात्मा की भक्ति चार युग तक करते रहना और गुरू धारण करके एक पल अर्थात् एक नाम का स्मरण भी कर लिया तो उसके समान मनमुखी साधना चार युग वाली नहीं है अर्थात् कम है। -संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER fl SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD.ORG MAHARAJ SAINT RAMPAL Jl Qr: संदेश भक्ति }ম बिना गुरू धारण किए परमात्मा की भक्ति चार युग तक करते रहना और गुरू धारण करके एक पल अर्थात् एक नाम का स्मरण भी कर लिया तो उसके समान मनमुखी साधना चार युग वाली नहीं है अर्थात् कम है। -संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER fl SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD.ORG MAHARAJ SAINT RAMPAL Jl - ShareChat
#GodMorningSunday राम का नाम पशु और मनुष्य के अंदर संतों ने कोई अंतर नहीं बताया। किसके अंदर ? जो कि राम का नाम नहीं लेते, परमात्मा का भजन नहीं करते वो मनुष्य पशु समान बताये। To know, Download the official App Sant Rampal Ji Maharaj Or read "Gyan Ganga" by JagatGuru Tattvadarshi. #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - राम का नाम पशु और मनुष्य के अंदर संतों ने कोई अंतर नहीं बताया। किसके अंदर ? जो कि राम का नाम नहीं लेते, परमात्मा का भजन नहीं करते वो मनुष्य पशु समान बताये। बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGOD.ORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ राम का नाम पशु और मनुष्य के अंदर संतों ने कोई अंतर नहीं बताया। किसके अंदर ? जो कि राम का नाम नहीं लेते, परमात्मा का भजन नहीं करते वो मनुष्य पशु समान बताये। बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGOD.ORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSunday भक्त को चाहिए कि यदि सांसारिक व्यक्ति आपके भक्ति मार्ग में बाधा उत्पन्न करे तो उसको उलटकर जवाब न देकर अपनी भक्ति को छुपाकर सुरक्षित रखें। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - भक्त को चाहिए कि यदि सांसारिक व्यक्ति आपके भक्ति मार्ग में बाधा उत्पन्न करे तो उसको उलटकर जवाब न देकर अपनी भक्ति को छुपाकर सुरक्षित रखें। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज JagatGumuRampalll.org Sb Sa oamp a भक्त को चाहिए कि यदि सांसारिक व्यक्ति आपके भक्ति मार्ग में बाधा उत्पन्न करे तो उसको उलटकर जवाब न देकर अपनी भक्ति को छुपाकर सुरक्षित रखें। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज JagatGumuRampalll.org Sb Sa oamp a - ShareChat
#GodMorningSunday गरीब, अधरि सिंहासन गगनि में, बौहरंगी बरियाम। जाका नाम कबीर है,सारे सब के काम।। परमात्मा कबीर जी का (अधर) ऊपर सतलोक में सिंहासन है। वह सब भक्तों के कार्य सिद्ध करता है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - सत् भक्ति सदश गरीब , अधरि सिंहासन गगनि में , बौहरंगी बरियाम | जाका नाम कबीर है॰ सारे सब के काम Il परमात्मा कबीर जी का (अधर ) ऊपर सतलोक में सिंहासन है | वह सब भक्तों के कार्य सिद्ध करता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD.ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ सत् भक्ति सदश गरीब , अधरि सिंहासन गगनि में , बौहरंगी बरियाम | जाका नाम कबीर है॰ सारे सब के काम Il परमात्मा कबीर जी का (अधर ) ऊपर सतलोक में सिंहासन है | वह सब भक्तों के कार्य सिद्ध करता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD.ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSunday सतयुग सतयुग में बहुत ही पुण्यकर्मी प्राणी जन्म लेते हैं। सतयुग में स्त्री विधवा नहीं होती। पिता से पहले पुत्र की मृत्यु नहीं होती। आपसी भाई चारा बहुत अच्छा होता है। चोरी-जारी अन्य बुराईयाँ नाम मात्र में ही होती है। तथा शराब, मांस तम्बाकू आदि का सेवन सतयुग के आदि में प्राणी नहीं करते। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - 8 सतयुूग सतयुग में बहुत ही पण्यकर्मी प्राणी जन्म लेते हैं। सतयुग में स्त्री विधवा नहीं होती। पिता से पहले पुत्र की मृत्यु नहीं होती। आपसी भाई चारा बहुत अच्छा होता है। चोरी ्जारी बुराईयाँ नाम मात्र में ही होती है। तथा शराब, मांस, अन्य तम्बाकू आदि का सेवन सतयुग के आदि में प्राणी नहीं करते। जगत गुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji = @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ 8 सतयुूग सतयुग में बहुत ही पण्यकर्मी प्राणी जन्म लेते हैं। सतयुग में स्त्री विधवा नहीं होती। पिता से पहले पुत्र की मृत्यु नहीं होती। आपसी भाई चारा बहुत अच्छा होता है। चोरी ्जारी बुराईयाँ नाम मात्र में ही होती है। तथा शराब, मांस, अन्य तम्बाकू आदि का सेवन सतयुग के आदि में प्राणी नहीं करते। जगत गुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji = @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSunday तत्वज्ञान परमात्मा के गुण वेदों में लिखे हैं कि परमेश्वर ऊपर के लोक में रहता है। वहाँ से गति करके सशरीर पृथ्वी पर आता है। अच्छी आत्माओं को मिलता है। उन्हें तत्त्वज्ञान का उपदेश करता है। To know, Download the official App Sant Rampal Ji Maharaj Or read "Gyan Ganga" by JagatGuru Tattvadarshi. #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - HCl2 आशम यतत [ तत्वज्ञात  गुण वेदों में लिखे हैं कि परमेश्वर ऊपर के लोक में परमात्मा के रहृता है। वहयाँ से गति करके सशरीर पर आता है। अच्छी पृथ्वी आत्माओं को मिलता है। उन्हें तत्त्वज्ञान का उपदेश करता है। संत रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी సాlగాా @Satlok_Ashram_Betul @SatlokBetul_ Satlok Ashram Betul HCl2 आशम यतत [ तत्वज्ञात  गुण वेदों में लिखे हैं कि परमेश्वर ऊपर के लोक में परमात्मा के रहृता है। वहयाँ से गति करके सशरीर पर आता है। अच्छी पृथ्वी आत्माओं को मिलता है। उन्हें तत्त्वज्ञान का उपदेश करता है। संत रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी సాlగాా @Satlok_Ashram_Betul @SatlokBetul_ Satlok Ashram Betul - ShareChat
#GodMorningSaturday परमेश्वर कबीर जी हमारे दर्द को समझते हैं। वे सच्चे दरबारी अर्थात पृथ्वी लोक पर वे अपना वेश तथा घर बदलकर आते हैं। अपने आपको परमेश्वर का दास बताते हैं, संत बताते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - परमेश्वर कबीर जी हमारे दर्द को समझते हैं। वे सच्चे दरबारी अर्थात पृथ्वी लोक पर वे अपना वेश तथा घर बदॅलकर आते हैं l अपने आपको परमेश्वर का दास बताते हैं , संत बताते हैं । (ant SRampal oi CYahataj 43 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ परमेश्वर कबीर जी हमारे दर्द को समझते हैं। वे सच्चे दरबारी अर्थात पृथ्वी लोक पर वे अपना वेश तथा घर बदॅलकर आते हैं l अपने आपको परमेश्वर का दास बताते हैं , संत बताते हैं । (ant SRampal oi CYahataj 43 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday परमात्मा के चोर कबीर, जो धन पाय न धर्म करत, नाही सद् व्यौहार। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मार।। भावार्थ- जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - परमान्मा के चोर कबीर, जो धन पाय न धर्म करत , नाही सद् व्यौहार। चोर है, फिरते मारो मार।। प्रभु के M भावार्थ - जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। Gampal dtahanaj Jand SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ परमान्मा के चोर कबीर, जो धन पाय न धर्म करत , नाही सद् व्यौहार। चोर है, फिरते मारो मार।। प्रभु के M भावार्थ - जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। Gampal dtahanaj Jand SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday दया समान धर्म नहीं कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नहीं संतोष समान। तृष्णा समान नहीं ब्याधी कोई, धर्म न दया समान।। भावार्थ:-परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है। इसके समान तप नहीं है। संतोष के तुल्य कोई सुख नहीं है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - दया समान ೪ धर्म नर्ही Nv & कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नर्ही संतोष समान। तृष्णॉ समान नर्ही ब्याधी कोई, } धर्म न दया समान। | भावार्थ- परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है। इसके समान तप नर्ही है। संतोष के तुल्य कोई सुख नर्ही है। किसी वस्तु की प्राप्ति की इच्छा के समान कोई आपदा नर्ही है और दया के समान धर्म नर्ही है। SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ दया समान ೪ धर्म नर्ही Nv & कबीर, क्षमा समान न तप, सुख नर्ही संतोष समान। तृष्णॉ समान नर्ही ब्याधी कोई, } धर्म न दया समान। | भावार्थ- परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है। इसके समान तप नर्ही है। संतोष के तुल्य कोई सुख नर्ही है। किसी वस्तु की प्राप्ति की इच्छा के समान कोई आपदा नर्ही है और दया के समान धर्म नर्ही है। SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningSaturday गरीब, पतिब्रता सो जानिये, जाके दिल नहिं और। अपने पीव के चरण बिन, तीन लोक नहिं ठौर।। भावार्थ:- पतिव्रता यानि एक ईष्ट का उपासक उसे जानो जिसके दिल में अन्य के प्रति श्रद्धा न हो। उसकी आत्मा यह माने कि मेरे परमेश्वर पति के चरणों के अतिरिक्त मेरा तीन लोक में ठिकाना नहीं है। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - पतिव्रता गरीब , पतिब्रता सो जानिये , जाके दिल नहिंऔर। अपने पीव के चरण बिन, तीन लोक नहिंठौर। | भावार्थः- पतिव्रता यानि एक ईष्ट का उपासक उसे जानो जिसके दिल में अन्य के प्रति श्रद्धा न हो। उसकी आत्मा यह माने कि मेरे परमेश्वर पति के चरणोंके अतिरिक्त मेरा तीन लोक में ठिकाना नहोंहै। (Sant Rampal ohi YMahataj = SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAIT RAMPAL JI MAHARAJ पतिव्रता गरीब , पतिब्रता सो जानिये , जाके दिल नहिंऔर। अपने पीव के चरण बिन, तीन लोक नहिंठौर। | भावार्थः- पतिव्रता यानि एक ईष्ट का उपासक उसे जानो जिसके दिल में अन्य के प्रति श्रद्धा न हो। उसकी आत्मा यह माने कि मेरे परमेश्वर पति के चरणोंके अतिरिक्त मेरा तीन लोक में ठिकाना नहोंहै। (Sant Rampal ohi YMahataj = SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAIT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat