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#GodMorningWednesday जहां शंखों लहर मेहर की उपजैं, कहर नहीं जहां कोई। दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई ।। आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे। #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - SAILOKASHRAN MUNDKA , सतलोक जहां शंखों लहर मेहर की उपजैं , कहर नहीं जहां कोई। दास गरीब अचल अविनाशी , सुख का सागर सोई।। भावार्थः उस सतलोक में असंख्र्य लहर मेहर (दया ) की उठती हैं , वहां कोई कहर (भयंकर दुःख ) नहीं है।वह अमर लोक अचल अविनाशी अर्थात कभी नाश होने वाला नहीं है। वहां रहने वाला परमेश्वर अविनाशी है।वह स्थान सुख का सागर है। संत रामपाल जी महाराज Followus on: SATLOK ASHRAM MUNDKA OFFICIAL SAMUNDKADELHI SADELHIMUNDKA SAILOKASHRAN MUNDKA , सतलोक जहां शंखों लहर मेहर की उपजैं , कहर नहीं जहां कोई। दास गरीब अचल अविनाशी , सुख का सागर सोई।। भावार्थः उस सतलोक में असंख्र्य लहर मेहर (दया ) की उठती हैं , वहां कोई कहर (भयंकर दुःख ) नहीं है।वह अमर लोक अचल अविनाशी अर्थात कभी नाश होने वाला नहीं है। वहां रहने वाला परमेश्वर अविनाशी है।वह स्थान सुख का सागर है। संत रामपाल जी महाराज Followus on: SATLOK ASHRAM MUNDKA OFFICIAL SAMUNDKADELHI SADELHIMUNDKA - ShareChat