ShareChat
click to see wallet page
search
#Uttar Pradesh
Uttar Pradesh - गाजियाबाद कोरियन लवर गेम टास्क में जान देने का संदेह तीनों को मोबाइल की लत थी, 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं 3 বঙ্ন নীবী মসিল যী কুরণী, মীন पिता से कहती थीं - कोरिया जाना है भास्कर न्यूज | गाजियाबाद ढुसाइड नोट परलिखा - सॉरी पापा भास्कर सरोकार खिबरसेसबक Tuonrವe' उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौ्वीं मंजिल स्थित फ्लैट को जिम्मेदारी आपकी भी है |301 6  बालकनी से छलांग लगा दी। तीनों बच्चे फोन में क्या देख रहे [ ٧C को मौत हो गई। घटना मंगलवार और I6 T0 Bh LiIho k0  हें, इस पर नजर जरूरी है। बुधवार को दरमियानी रात करीब २:१५ खुद में सिमटना , पढ़़ाई बॅजे हुई। पुलिस के अनुसार, तीनों को PadhLo  Vo sa b से कटना , व्यवहार बदलना मोबाइल फोन की लत थी। दो साल 51(  Y६ Sab q0K' आदि खतरे के संकेत हैं। से स्कूल नहीं जा रहीर्थी। घटना के Now!l Read hal पीछे ऑनलाइन टास्क बेस्ड ' कोरियन सुसाइड जैसे भाव आएं गेम' की भूमिका की भी जांच लवर নী 1-800-891-4416 যা ]21 जा रही है। पिता चेतन कुमार के ٦ ٥ ٧ ٧   १४४१6 पर फोन करें। So/I अनुसार, बेटियां कहती थीं कि उन्हें कोरिया जाना   है। निशिका 16 ) , पिता बोले - तीनों खुद में ही सिमटती चली गईं फ्रोची (१४ ) और पाखी ( १२ ) खुद कोरियन नामों से बुलाती थीं। खाने से नहाने तक सभी काम साथ ही करती थीं मोबाइल का इस्तेमाल   रोकने  पर वे ढाई-्तीन साल से ये गेम खेल रहो थीं। प्राची ने एक बार कहा था कोरिया ही हमारी जिंदगी है, कहा- कि वह ' बॉस' है और बहनें उसके निर्देशों का पालन करती हैं। मुझे कोरिया ही हमारा सबसे बड़ा प्यार है। आप कुछ भी कहें हम इसे छोड़ लगा कि यह बचपन का कोई खेल है। मुझे नहीं पता था कि इसमें कोई नहीं सकते।' एसीपी अतुल कुमार जानलेवा टास्क होते हैं। जब फॉरेंसिक टोम ने मोबाइल फोन जांचे तब पता चला| अगर पता होता कि ऐसे टास्क हैं॰ तो बच्चों को इसका हिस्सा सिंह ने बताया कि तोनों नहाने, खाने नहीं बनने देता। मैँने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो सकता है। तीनों और सोने जैसे काम साथ करती थीं। एडिशनल कमिश्नर केशव चौधरी ने हर काम साथ करती थीं। खाना , नहाना और समय बिताना। ज्यादातर अपने कि कोरियन गेम से सुसाइड के कमरे में रहती थीं। शैक्षणिक रूप से असफल होने के बाद पिछले दो-्तोन ఇగTౌ सीधे संबंध को अभी पुष्टि नहीं हुई वर्षों से वे स्कूल नहीं जा रही थीं॰ जिससे वे शर्मिदगी महसूस करने लगी थीं और धीरे -धीरे खुद में सिमटती चली गई। - चेतन कुमार लड़कियों के पिता है। शेष। अंतिम पेज पर गाजियाबाद कोरियन लवर गेम टास्क में जान देने का संदेह तीनों को मोबाइल की लत थी, 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं 3 বঙ্ন নীবী মসিল যী কুরণী, মীন पिता से कहती थीं - कोरिया जाना है भास्कर न्यूज | गाजियाबाद ढुसाइड नोट परलिखा - सॉरी पापा भास्कर सरोकार खिबरसेसबक Tuonrವe' उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौ्वीं मंजिल स्थित फ्लैट को जिम्मेदारी आपकी भी है |301 6  बालकनी से छलांग लगा दी। तीनों बच्चे फोन में क्या देख रहे [ ٧C को मौत हो गई। घटना मंगलवार और I6 T0 Bh LiIho k0  हें, इस पर नजर जरूरी है। बुधवार को दरमियानी रात करीब २:१५ खुद में सिमटना , पढ़़ाई बॅजे हुई। पुलिस के अनुसार, तीनों को PadhLo  Vo sa b से कटना , व्यवहार बदलना मोबाइल फोन की लत थी। दो साल 51(  Y६ Sab q0K' आदि खतरे के संकेत हैं। से स्कूल नहीं जा रहीर्थी। घटना के Now!l Read hal पीछे ऑनलाइन टास्क बेस्ड ' कोरियन सुसाइड जैसे भाव आएं गेम' की भूमिका की भी जांच लवर নী 1-800-891-4416 যা ]21 जा रही है। पिता चेतन कुमार के ٦ ٥ ٧ ٧   १४४१6 पर फोन करें। So/I अनुसार, बेटियां कहती थीं कि उन्हें कोरिया जाना   है। निशिका 16 ) , पिता बोले - तीनों खुद में ही सिमटती चली गईं फ्रोची (१४ ) और पाखी ( १२ ) खुद कोरियन नामों से बुलाती थीं। खाने से नहाने तक सभी काम साथ ही करती थीं मोबाइल का इस्तेमाल   रोकने  पर वे ढाई-्तीन साल से ये गेम खेल रहो थीं। प्राची ने एक बार कहा था कोरिया ही हमारी जिंदगी है, कहा- कि वह ' बॉस' है और बहनें उसके निर्देशों का पालन करती हैं। मुझे कोरिया ही हमारा सबसे बड़ा प्यार है। आप कुछ भी कहें हम इसे छोड़ लगा कि यह बचपन का कोई खेल है। मुझे नहीं पता था कि इसमें कोई नहीं सकते।' एसीपी अतुल कुमार जानलेवा टास्क होते हैं। जब फॉरेंसिक टोम ने मोबाइल फोन जांचे तब पता चला| अगर पता होता कि ऐसे टास्क हैं॰ तो बच्चों को इसका हिस्सा सिंह ने बताया कि तोनों नहाने, खाने नहीं बनने देता। मैँने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो सकता है। तीनों और सोने जैसे काम साथ करती थीं। एडिशनल कमिश्नर केशव चौधरी ने हर काम साथ करती थीं। खाना , नहाना और समय बिताना। ज्यादातर अपने कि कोरियन गेम से सुसाइड के कमरे में रहती थीं। शैक्षणिक रूप से असफल होने के बाद पिछले दो-्तोन ఇగTౌ सीधे संबंध को अभी पुष्टि नहीं हुई वर्षों से वे स्कूल नहीं जा रही थीं॰ जिससे वे शर्मिदगी महसूस करने लगी थीं और धीरे -धीरे खुद में सिमटती चली गई। - चेतन कुमार लड़कियों के पिता है। शेष। अंतिम पेज पर - ShareChat