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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - है गहरी बात ~ ने पैरो से पूछा.... सब तुम्हे हीं মাথী प्रणाम करते हैं, मुझे क्यों नही.. ? लिए पैरो ने बोला, उसके जमीन पर रहना पड़ता हैं, हवा मे नही..! ! है गहरी बात ~ ने पैरो से पूछा.... सब तुम्हे हीं মাথী प्रणाम करते हैं, मुझे क्यों नही.. ? लिए पैरो ने बोला, उसके जमीन पर रहना पड़ता हैं, हवा मे नही..! ! - ShareChat