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#❤️अस्सलामु अलैकुम #assalamualaikum
❤️अस्सलामु अलैकुम - याददाश्त मजबूत की दुआ बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रही म, अल्लाहुम्मा अज'ल ज़क़ी वा हिफ़्ज़ी क़वीयाँ " दुआ को ४ ५ बार धीरेनधीरे पढ़़ें। पढ़ने के बाद हाथों को धीरेनधीरे हिलाएँ और खुद को शांत महसूस करें। Unaplash Nಮclds unsptasha < LOns'leshn   nse Lnsdash nstsh Unspcs+ Jnsptal   0 ~ याददाश्त मजबूत की दुआ बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रही म, अल्लाहुम्मा अज'ल ज़क़ी वा हिफ़्ज़ी क़वीयाँ " दुआ को ४ ५ बार धीरेनधीरे पढ़़ें। पढ़ने के बाद हाथों को धीरेनधीरे हिलाएँ और खुद को शांत महसूस करें। Unaplash Nಮclds unsptasha < LOns'leshn   nse Lnsdash nstsh Unspcs+ Jnsptal   0 ~ - ShareChat