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##हरि_आये_हरियाणे_नूं हरि आये हरियाणे नू हरियाणा की पवित्र भूमि जिला झज्जर, गांव छुड़ानी के पास खेतों में अपनी प्यारी आत्मा 10 वर्षीय बालक गरीबदास जी महाराज को गउएं चराते हुए, पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी मिले, सतलोक दिखाया और फिर वापिस छोड़ा। बस यहीं से गरीबदास जी महाराज का जीवन पलट गया और परमात्मा की महिमा गाते हुऐ गरीब दास जी चिता से उठ बैठे और बोले:– अजब नगर में ले गया, हमकूं सतगुरु आन। झिलके बिम्ब अगाध गति, सूते चादर तान। अनन्त कोटि ब्रह्मण्ड का एक रति नहीं भार। सतगुरु पुरुष कबीर हैं कुल के सृजनहार।।
#हरि_आये_हरियाणे_नूं - 0 हरियाणा प्रांत के गांव छुड़ानी, जिला झज्जर #41 १७१७ में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के रूप में सतलोक से आकर विक्रमी মণন 1784, মন 1727 স की सुदी फाल्गुन मास द्वादशी को मिले थे। इसीलिए संत गरीबदास जी ন ক6া 68 सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नू। 0 हरियाणा प्रांत के गांव छुड़ानी, जिला झज्जर #41 १७१७ में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के रूप में सतलोक से आकर विक्रमी মণন 1784, মন 1727 স की सुदी फाल्गुन मास द्वादशी को मिले थे। इसीलिए संत गरीबदास जी ন ক6া 68 सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नू। - ShareChat