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दोहा बुल्लेशाह #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "दोहा" साजन ये मत जानियो तोहे बिछड़त मोहे को चैन दिया जलत है रात में और जिया जलत बिन रैन (3T೯ ತ೯ಾ]) @myquote "दोहा" साजन ये मत जानियो तोहे बिछड़त मोहे को चैन दिया जलत है रात में और जिया जलत बिन रैन (3T೯ ತ೯ಾ]) @myquote - ShareChat