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#Mahe Ramzan #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗
Mahe Ramzan - @ Md K a s i m 7 8 6 सूरह अल अंकबुत आथत 46 और (ऐ ईमानदारों ) अहले किताब से मनाज़िरा न किया करो मगर उमदा से जिन लोगों ने तुम और शाएस्ता अलफाज़ व उनवान से लेकिन उनमें पर ज़ुल्म किया (उनके साथ रिआयत न करो) और साफ सा़फ कह दो कि जो किताब हम पर नाज़िल हुई और जो किताब तुम पर नाज़िल हुई है हम तो सब पर ईमान ला चुके और हमारा माबूद और तुम्हारा माबूद एक ही है और हम उसी के फरमाबरदार है 0 mdkasim 7 86 @ Md K a s i m 7 8 6 सूरह अल अंकबुत आथत 46 और (ऐ ईमानदारों ) अहले किताब से मनाज़िरा न किया करो मगर उमदा से जिन लोगों ने तुम और शाएस्ता अलफाज़ व उनवान से लेकिन उनमें पर ज़ुल्म किया (उनके साथ रिआयत न करो) और साफ सा़फ कह दो कि जो किताब हम पर नाज़िल हुई और जो किताब तुम पर नाज़िल हुई है हम तो सब पर ईमान ला चुके और हमारा माबूद और तुम्हारा माबूद एक ही है और हम उसी के फरमाबरदार है 0 mdkasim 7 86 - ShareChat