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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - ६० प्लस मैं नी ऑर्थराइटिस की समस्या से ऐसे मिलेगा निदान आपकीसहत सर्जरी नहीं, ३-पी फॉर्मूला से घुटने बने रहेंगे मजबूत केलिए यै एक्सरसाइज करें व एहतियात रखें घुटनों स्वस्थ डॉ. आनंद अजमेरा पाउंड्स लॉसः वजन घटाने से 2. सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन घुटने पर 4 गुना बौझ कम हौता देश में ६० साल से ऊपर के बुजुर्गों में ४७% सिर्फ 5 किलो वजन घटाने से घुटने पर को घुटने का नी-ऑर्थराइटिस है। यह आंकड़ा २० किलो तक दबाव कम होता है। १०% पिछले साल मेटा-एनालिसिस ( जर्नल ऑफ सकता है। से दर्द आधा घटाने वजन फैमिली   मेडिसिन प्राइमरी   केयर ) # एंड নযীন্দা: সং ক্ধা সানা তরানা-নাল; মরল্ী भी महिलाओं में यह सामने आया है। 5 फिजियोथेरेपीः घुटने की रोटी खाएं। रोज ३०२४० मिनट तेज चलें। ] में २६ २% है। दर ५० ७% और पुरुषों  मांसपैशियां मजबूत हौंगी ३. प्रिवैंशनः अपने दौनों घुटनों इससे घबराएं नहीं, क्योंकि घुटनों రగ इलाज सिर्फ सर्जरी नहीं बल्कि ३-पी यानी कुर्सी पर बैठकर एक पैर सामने उठाएं पर अधिक भार नहीं पडने दैं फिजियोथेरेपी , वजन कम करना ( पाउंड्स १० तक गिनती गिनें , फिर धीरे-्धीरे नीचे उकड़ू बैठने और जमीन पर बैठने से बचें।  ( प्रिवेंशन ) है। इसे लॉस ) সানখানী लाएं। दोनों पैरों से १०२१० बार करें। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स कमोडे या वेस्टर्न टॉयलेट इस्तेमाल करें। पीठ के बल लेटकर घुटना सीधा करें। कुर्सी पर बैठें। घुटने को ९० डिग्री से भी प्रभावी माना है। इससे आईसीएमआर ५ सेकंड जोर से दबाएं और फिर छोड़ें। दर्द ३० ५०% तक कम व घुटने मजबूत होते ज्यादा मोड़कर बैठने से बचें। दोनों पैरे के लिए ऐसा १०२१५ बार करें। हैं। सर्जरी की जरूरत सालों टल जाती है। घुटने के नीचे तकिया रखें। सोते समय ६० प्लस मैं नी ऑर्थराइटिस की समस्या से ऐसे मिलेगा निदान आपकीसहत सर्जरी नहीं, ३-पी फॉर्मूला से घुटने बने रहेंगे मजबूत केलिए यै एक्सरसाइज करें व एहतियात रखें घुटनों स्वस्थ डॉ. आनंद अजमेरा पाउंड्स लॉसः वजन घटाने से 2. सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन घुटने पर 4 गुना बौझ कम हौता देश में ६० साल से ऊपर के बुजुर्गों में ४७% सिर्फ 5 किलो वजन घटाने से घुटने पर को घुटने का नी-ऑर्थराइटिस है। यह आंकड़ा २० किलो तक दबाव कम होता है। १०% पिछले साल मेटा-एनालिसिस ( जर्नल ऑफ सकता है। से दर्द आधा घटाने वजन फैमिली   मेडिसिन प्राइमरी   केयर ) # एंड নযীন্দা: সং ক্ধা সানা তরানা-নাল; মরল্ী भी महिलाओं में यह सामने आया है। 5 फिजियोथेरेपीः घुटने की रोटी खाएं। रोज ३०२४० मिनट तेज चलें। ] में २६ २% है। दर ५० ७% और पुरुषों  मांसपैशियां मजबूत हौंगी ३. प्रिवैंशनः अपने दौनों घुटनों इससे घबराएं नहीं, क्योंकि घुटनों రగ इलाज सिर्फ सर्जरी नहीं बल्कि ३-पी यानी कुर्सी पर बैठकर एक पैर सामने उठाएं पर अधिक भार नहीं पडने दैं फिजियोथेरेपी , वजन कम करना ( पाउंड्स १० तक गिनती गिनें , फिर धीरे-्धीरे नीचे उकड़ू बैठने और जमीन पर बैठने से बचें।  ( प्रिवेंशन ) है। इसे लॉस ) সানখানী लाएं। दोनों पैरों से १०२१० बार करें। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स कमोडे या वेस्टर्न टॉयलेट इस्तेमाल करें। पीठ के बल लेटकर घुटना सीधा करें। कुर्सी पर बैठें। घुटने को ९० डिग्री से भी प्रभावी माना है। इससे आईसीएमआर ५ सेकंड जोर से दबाएं और फिर छोड़ें। दर्द ३० ५०% तक कम व घुटने मजबूत होते ज्यादा मोड़कर बैठने से बचें। दोनों पैरे के लिए ऐसा १०२१५ बार करें। हैं। सर्जरी की जरूरत सालों टल जाती है। घुटने के नीचे तकिया रखें। सोते समय - ShareChat