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🤲सूरह अल-कहफ़🤲 में कुल 110 आयतें हैं। यह ♥️क़ुरान करीम♥️ की 18वीं सूरह है, जो 🕋मक्का में नाज़िल⚡ हुई थी और 15वें-16वें पारे (Juz) में स्थित है यह🥷 फितनों से बचाव और ♥️अल्लाह♥️ की बक्शीस🤲 की खोज करने का हुक्म☝️ देती है इसे विशेष रूप से जुमे🕌 को पढ़ने की ज्यादा फज़ीलत बताई गई है, जो आने वाले सप्ताह के लिए अल्लाह की रहमत और मेहरबानी लाती है #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲कुरान संदेश #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲🏻इस्लामी समाज☪️
🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 - M D K a s m 7೦ m 7 86 ಶಲ್ರ್ सूरह  अल -कहफ ^9 0 आयत : | 9 हर तरह की तारीफ ख़ुदा ही को (सज़ावार) है जिसने अपने बन्दे ( मोहम्मद) पर किताब (क़ुरान) नाज़िल की और उसमें किसी तरह की कज़ी (ख़राबी) न रखी 3 M D K 1 : 1 m 7 8 M D K a s m 7೦ m 7 86 ಶಲ್ರ್ सूरह  अल -कहफ ^9 0 आयत : | 9 हर तरह की तारीफ ख़ुदा ही को (सज़ावार) है जिसने अपने बन्दे ( मोहम्मद) पर किताब (क़ुरान) नाज़िल की और उसमें किसी तरह की कज़ी (ख़राबी) न रखी 3 M D K 1 : 1 m 7 8 - ShareChat