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#shubh ratri #✡️शुभ रात्रि शायरी ✡️
shubh ratri - रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं , कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं॰ ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज, हाथ में जाम हैंमगर पिने का होश नहीं. रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं , कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं॰ ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज, हाथ में जाम हैंमगर पिने का होश नहीं. - ShareChat