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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - Facebook:Pt Vijayshankar Mehta urdau आप्रवासियों से अमानवीयता अमेरिकी आप्रवासन इतिहास चार युगों में देखा जा सकता है। औपनिवेशिक काल, १९वीं शताब्दी का मध्य, २०वीं शताब्दी का प्रारंभ और १९६५ के बाद का काल। खुद ट्रम्प के पिता, फ्रेड ट्रम्प का जन्म न्यूयॉर्क में जर्मन अप्रवासी माता पिता के॰घर हुआ था। मां मैरी ऐनी  मैकैलियोड ट्रम्प भी स्कॉटलैंड में जन्मीं। सिर्फ राजनीतिक फायदे एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के ट्रम्प आप्रवासियों के साथ कारण उग्र आमादा दिख रहे हैं  अमानवीयता पर -्जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर,  झारखंड निजी गार्डोंपरभी श्रम कानून लागू हों कई जगहों पर निजी क्षेत्र में सेवारत सुरक्षाकर्मियों को दिन व रात की पारियों में १२२१२ घंटे काम करना पड़ता है। आकस्मिक, रुग्ण अर्जित अवकाश तो दूर, इन्हें साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिलता  है। अवकाश लेने पर इनका वेतन काट लिया जाता है, जो सर्वथा अमानवीय है। श्रम कानून के अनुसार इनका कार्यकाल भी सप्ताह में ४८ घंटे निर्धारित कर कम से कम एक साप्ताहिक अवकाश तो दिया जाना चाहिए। - रमेशचंद्र कर्नावट , इंदौर, मध्य प्रदेश झाड़-फूंक बीमारी का उपचार नहीं से जुड़ी हिंसा और शोषण अभी भी व्यापक भारत में अंधविश्वास रूप से व्याप्त है। कुछ मामलों में अंधविश्वास के कारण लोगों की हत्या तक कर दी जाती है। २१वीं सदी में सबसे ज्यादा जरूरत वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की है। हमें वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को  समझाना होगा कि बीमारी के इलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा  पद्धति ही सबसे भरोसेमंद है। झाड़-फूंक किसी बीमारी का स्थायी fK मधुबनी, समाधान कभी नहीं हो सकते। -कुमार गौरव ई-रिक्शा की समस्या हल क़ी जाए सरकार पहले तो प्रॉब्लम खड़ी करती है फिर उसे नियंत्रित नहीं कर पाती। ई-रिवशा ट्ूरिज्म और रोजगार को प्रोत्साहन के लिए लॉन्च किए गए थे। ्लॅकिन डिजाइन खराब था। आप ड्राइवर की पीठ के अलावा कुछ नहीं देख सकते थे। आज इस बड़ी समस्या  को हल करने की जरूरत है। बेशक, बेरोजगार युवा इस स्कीम के सबसे पहले लाभार्थी हैं। इसे जोन में॰ क्षेत्रवार कलर कोड में बांटना यूजर  फ्रेंडली नहीं है। - सुश कोचर, जयपुर, राजस्थान सकते हैं आप अपने पत्र editpaceOdbcoroain पर भेज  Facebook:Pt Vijayshankar Mehta urdau आप्रवासियों से अमानवीयता अमेरिकी आप्रवासन इतिहास चार युगों में देखा जा सकता है। औपनिवेशिक काल, १९वीं शताब्दी का मध्य, २०वीं शताब्दी का प्रारंभ और १९६५ के बाद का काल। खुद ट्रम्प के पिता, फ्रेड ट्रम्प का जन्म न्यूयॉर्क में जर्मन अप्रवासी माता पिता के॰घर हुआ था। मां मैरी ऐनी  मैकैलियोड ट्रम्प भी स्कॉटलैंड में जन्मीं। सिर्फ राजनीतिक फायदे एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के ट्रम्प आप्रवासियों के साथ कारण उग्र आमादा दिख रहे हैं  अमानवीयता पर -्जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर,  झारखंड निजी गार्डोंपरभी श्रम कानून लागू हों कई जगहों पर निजी क्षेत्र में सेवारत सुरक्षाकर्मियों को दिन व रात की पारियों में १२२१२ घंटे काम करना पड़ता है। आकस्मिक, रुग्ण अर्जित अवकाश तो दूर, इन्हें साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिलता  है। अवकाश लेने पर इनका वेतन काट लिया जाता है, जो सर्वथा अमानवीय है। श्रम कानून के अनुसार इनका कार्यकाल भी सप्ताह में ४८ घंटे निर्धारित कर कम से कम एक साप्ताहिक अवकाश तो दिया जाना चाहिए। - रमेशचंद्र कर्नावट , इंदौर, मध्य प्रदेश झाड़-फूंक बीमारी का उपचार नहीं से जुड़ी हिंसा और शोषण अभी भी व्यापक भारत में अंधविश्वास रूप से व्याप्त है। कुछ मामलों में अंधविश्वास के कारण लोगों की हत्या तक कर दी जाती है। २१वीं सदी में सबसे ज्यादा जरूरत वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की है। हमें वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को  समझाना होगा कि बीमारी के इलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा  पद्धति ही सबसे भरोसेमंद है। झाड़-फूंक किसी बीमारी का स्थायी fK मधुबनी, समाधान कभी नहीं हो सकते। -कुमार गौरव ई-रिक्शा की समस्या हल क़ी जाए सरकार पहले तो प्रॉब्लम खड़ी करती है फिर उसे नियंत्रित नहीं कर पाती। ई-रिवशा ट्ूरिज्म और रोजगार को प्रोत्साहन के लिए लॉन्च किए गए थे। ्लॅकिन डिजाइन खराब था। आप ड्राइवर की पीठ के अलावा कुछ नहीं देख सकते थे। आज इस बड़ी समस्या  को हल करने की जरूरत है। बेशक, बेरोजगार युवा इस स्कीम के सबसे पहले लाभार्थी हैं। इसे जोन में॰ क्षेत्रवार कलर कोड में बांटना यूजर  फ्रेंडली नहीं है। - सुश कोचर, जयपुर, राजस्थान सकते हैं आप अपने पत्र editpaceOdbcoroain पर भेज - ShareChat