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गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - गज़ल గ్గ్ है 4 दीवाना 61 I কমাল-T-হংক గ్గ # किस के हाथ से 4 दामन छुड़ा  रहा বুদ্কী নী ৪ী  নিম কম্নী ই नाख़ुदा   दुनिया लो  कि डूबता   हूँ 4 सको   तो   बचा बचा ये मेरे इश्क़ की मजबूरियाँ   मआज़ - अल्लाह राज़   तुम्हीं 4 से हू 5RT छुपा रहा इक हिजाब पे सौ बे-हिजाबियाँ सदक़े इस चाहता   हूँ तुम को   देखता గ్గ # 4 6 हैं वहीं बताते मंज़िल বনান 16 पर గ్గ్ 4 जहाँ   से हज़ार बार गुज़र चुका कभी ये ज़ोम कि तू मुझ से छुप नहीं सकता कभी ये वहम कि ख़ुद भी छुपा हुआ हूँ मैं मुझे   सुने न कोई   मस्त -ए-बादा -ए-इशरत मजाज़ ' टूटे हुए दिल की इक గ్గ # सदा Moiivational Vicleos Appl Want गज़ल గ్గ్ है 4 दीवाना 61 I কমাল-T-হংক గ్గ # किस के हाथ से 4 दामन छुड़ा  रहा বুদ্কী নী ৪ী  নিম কম্নী ই नाख़ुदा   दुनिया लो  कि डूबता   हूँ 4 सको   तो   बचा बचा ये मेरे इश्क़ की मजबूरियाँ   मआज़ - अल्लाह राज़   तुम्हीं 4 से हू 5RT छुपा रहा इक हिजाब पे सौ बे-हिजाबियाँ सदक़े इस चाहता   हूँ तुम को   देखता గ్గ # 4 6 हैं वहीं बताते मंज़िल বনান 16 पर గ్గ్ 4 जहाँ   से हज़ार बार गुज़र चुका कभी ये ज़ोम कि तू मुझ से छुप नहीं सकता कभी ये वहम कि ख़ुद भी छुपा हुआ हूँ मैं मुझे   सुने न कोई   मस्त -ए-बादा -ए-इशरत मजाज़ ' टूटे हुए दिल की इक గ్గ # सदा Moiivational Vicleos Appl Want - ShareChat