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#ધર્મ અને અધ્યાત્મ
ધર્મ અને અધ્યાત્મ - कबीरयहमन मलीन है, धोय ना छूटे रंग। एक छूटे सतनाम से, एक छूटे सत्संग। | जीव का मन मैला है पर तीर्थों में नहाने से मन की मैल जाने वाली नहीं है क्योंकि पानी केवल शरीरकी मैल धोता है। मन की मैल तो केवल सत्यनाम और सत्संग से ही जा सकती है। सत्यनाम और सत्संग सद्गुरु की कृपा से ही प्राप्त होते हैं। कबीरयहमन मलीन है, धोय ना छूटे रंग। एक छूटे सतनाम से, एक छूटे सत्संग। | जीव का मन मैला है पर तीर्थों में नहाने से मन की मैल जाने वाली नहीं है क्योंकि पानी केवल शरीरकी मैल धोता है। मन की मैल तो केवल सत्यनाम और सत्संग से ही जा सकती है। सत्यनाम और सत्संग सद्गुरु की कृपा से ही प्राप्त होते हैं। - ShareChat