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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #mn ki shanti
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - सीरीज भगवत   गीता दिन ५ः मन की शांति श्लोकः अश्रद्धया हुतं दत्तं तपस्तप्तं कृतं च यत्। असदित्युच्यते पार्थ न च तत्प्रेत्य नो इहIl (अध्याय १७, श्लोक २८ का भाव) हिंदी अर्थः बिना एकाग्रता   और श्रद्धा के किया कोई भी कार्य व्यर्थ है। गया आज की सीखः आज जो भी काम करें, 37 ؟? ध्यान से करें॰ फिर देखें शांति और अपने মন आप मिल जाएगी| 17.48 सीरीज भगवत   गीता दिन ५ः मन की शांति श्लोकः अश्रद्धया हुतं दत्तं तपस्तप्तं कृतं च यत्। असदित्युच्यते पार्थ न च तत्प्रेत्य नो इहIl (अध्याय १७, श्लोक २८ का भाव) हिंदी अर्थः बिना एकाग्रता   और श्रद्धा के किया कोई भी कार्य व्यर्थ है। गया आज की सीखः आज जो भी काम करें, 37 ؟? ध्यान से करें॰ फिर देखें शांति और अपने মন आप मिल जाएगी| 17.48 - ShareChat