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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - নী रिटायर्ड महिलाओं ने संगठन बनाया, एक-दूसरे के लिए संबल बनीं भारकर खास केरल; दादी-्नानी डांसर -पॉडकास्टर बन रहीं, ক্ধা से डिप्रेशन हटा, बोली... ये सुपरवुमन जैसा अहसास जेस वर्के | अलाप्पुझ्मा थीम इंटरेक्शनः अपनी बात कहने से मन शांत होता है यदि एक कीडा तितली बन सकता है, तो इंसान ग्रुप का कॉन्सेप्ट जर्मन ठससे बडा चमत्कार कर सकता है।' इसी मंत्र से थ्योरी थीम सेंटर्ड इंटरेक्शन केरल के अलाप्पुझा जिले में रिटायर्ड महिलाओं (೫315' बेस है। इसमें ने जिंदगी की दूसरी पारी की अनूठी शुरुआत महिलाएं समूह में बैठकर की है। पिछले हफ्ते अलाप्पुझा नॉर्थ में निशा के अपनी बात कहती हैं। घर ५० महिलाएं जुटीं। उन्होंने अपने शौक, ज्ञान इससे मन शांत होता है। और अनुभव साझा किए। वुमेन फॉर सोशल आत्मविश्वास बढ़ता है। मेटामॉर्फोसिस 7 5؟7  57 डब्ल्यूएसएम महिलाओं ने जीवन की नई पारी में अपने शौक को को पहचाना। वे सोलो ट्रैवलर, गायक, लेखक की दवाएं बंद हो गईं। उम्र के इस पड़ाव में नई जीना शुरू किया। वे खुद को नई दुनिया के लिए तैयार करने के लिए एक-दूसरे का सहारा बन रही हैं। शुरुआत से सुपरवुमन होने का अहसास हो रहा है। 61 পাভকা रही का डब्ल्यूएसएम बन समन्वयक ऐनीस फ्रांसिस कहती हैं कि मैं और सदस्य सावित्री बताती हैं कि चारदीवारी में कई पूरी उम्र फाइलों, घर, बच्चों की परवरिश और मेरी जैसी कई महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हो गई महिलाएं बिना वेतन की नौकरानी बनकर रह गई पति की देखभाल में बिताने के बाद महिलाओं थीं, लेकिन एक॰दूसरे के प्रोत्साहन से डिप्रेशन थीं। अब गाने के शौक को पूरा कर रही हैं। ने अपने भीतर के कलाकार, लेखक और डांसर নী रिटायर्ड महिलाओं ने संगठन बनाया, एक-दूसरे के लिए संबल बनीं भारकर खास केरल; दादी-्नानी डांसर -पॉडकास्टर बन रहीं, ক্ধা से डिप्रेशन हटा, बोली... ये सुपरवुमन जैसा अहसास जेस वर्के | अलाप्पुझ्मा थीम इंटरेक्शनः अपनी बात कहने से मन शांत होता है यदि एक कीडा तितली बन सकता है, तो इंसान ग्रुप का कॉन्सेप्ट जर्मन ठससे बडा चमत्कार कर सकता है।' इसी मंत्र से थ्योरी थीम सेंटर्ड इंटरेक्शन केरल के अलाप्पुझा जिले में रिटायर्ड महिलाओं (೫315' बेस है। इसमें ने जिंदगी की दूसरी पारी की अनूठी शुरुआत महिलाएं समूह में बैठकर की है। पिछले हफ्ते अलाप्पुझा नॉर्थ में निशा के अपनी बात कहती हैं। घर ५० महिलाएं जुटीं। उन्होंने अपने शौक, ज्ञान इससे मन शांत होता है। और अनुभव साझा किए। वुमेन फॉर सोशल आत्मविश्वास बढ़ता है। मेटामॉर्फोसिस 7 5؟7  57 डब्ल्यूएसएम महिलाओं ने जीवन की नई पारी में अपने शौक को को पहचाना। वे सोलो ट्रैवलर, गायक, लेखक की दवाएं बंद हो गईं। उम्र के इस पड़ाव में नई जीना शुरू किया। वे खुद को नई दुनिया के लिए तैयार करने के लिए एक-दूसरे का सहारा बन रही हैं। शुरुआत से सुपरवुमन होने का अहसास हो रहा है। 61 পাভকা रही का डब्ल्यूएसएम बन समन्वयक ऐनीस फ्रांसिस कहती हैं कि मैं और सदस्य सावित्री बताती हैं कि चारदीवारी में कई पूरी उम्र फाइलों, घर, बच्चों की परवरिश और मेरी जैसी कई महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हो गई महिलाएं बिना वेतन की नौकरानी बनकर रह गई पति की देखभाल में बिताने के बाद महिलाओं थीं, लेकिन एक॰दूसरे के प्रोत्साहन से डिप्रेशन थीं। अब गाने के शौक को पूरा कर रही हैं। ने अपने भीतर के कलाकार, लेखक और डांसर - ShareChat