ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - asi] चजाा ना७् रखाड कै जसु कीरति जगि 5 f न पुछै के।ा नदरि न आवई त वात திழ करि दौसी दौसु धरे।ा திச36 र हे भाई! दुनिया की नज़र में आप बहुत कामयाब हो सकते हैं। মীঠা लाखों लोग आपको जानते हों॰ आपकी जय जयकार होती हो। साहिब कहते हैं किअगर आपकी आत्मा परमात्मा से लेकिन है, तो यह सब " शून्य है। अध्यात्म की ' 76' स्कूलमै पवही : जुड़ी लगे सांसारिक शोहरत का वज़न ज़ीरो है। जैसे एक स्कूल बच्चा सफल माना जाता है जिसे उसका शिक्षक पास कर दे, वैसे ही इस संसार के खेल में वही सफल है जिसे परमात्मा स्वीकार कर ले।जो तेरा इंसान अपनी प्रसिद्धि के नशे में चूर रहता है, वह प्रभु की नज़रों में एक छोटे से कीडे से भी छोटा है। यहाँ तक कि उसे अपने कर्मों का दोषी माना जाता है क्योंकि उसने प्रभु को भूलकर अपनी बड़ाई में जीवन व्यर्थ कर दियाहै८ असली बड़ाई वह नहीं जो दुनिया आपको भाणा दे, बल्कि वह है जो परमात्मा के दरबार में आपको प्राप्त हो। बिना ೩ Dಾ ' भक्ति और कृपा के, बड़ी से बड़ी शोहरत ' बोझ मात्र है। जैसे एक ' बहुत सुंदर शरीर बिना प्राणों के मिट्टी है, वैसे ही बिना शोहरत  परमात्मा की कृपा के ऊँचा नाम और आध्यात्मिक रूप से निर्जीव हैं। asi] चजाा ना७् रखाड कै जसु कीरति जगि 5 f न पुछै के।ा नदरि न आवई त वात திழ करि दौसी दौसु धरे।ा திச36 र हे भाई! दुनिया की नज़र में आप बहुत कामयाब हो सकते हैं। মীঠা लाखों लोग आपको जानते हों॰ आपकी जय जयकार होती हो। साहिब कहते हैं किअगर आपकी आत्मा परमात्मा से लेकिन है, तो यह सब " शून्य है। अध्यात्म की ' 76' स्कूलमै पवही : जुड़ी लगे सांसारिक शोहरत का वज़न ज़ीरो है। जैसे एक स्कूल बच्चा सफल माना जाता है जिसे उसका शिक्षक पास कर दे, वैसे ही इस संसार के खेल में वही सफल है जिसे परमात्मा स्वीकार कर ले।जो तेरा इंसान अपनी प्रसिद्धि के नशे में चूर रहता है, वह प्रभु की नज़रों में एक छोटे से कीडे से भी छोटा है। यहाँ तक कि उसे अपने कर्मों का दोषी माना जाता है क्योंकि उसने प्रभु को भूलकर अपनी बड़ाई में जीवन व्यर्थ कर दियाहै८ असली बड़ाई वह नहीं जो दुनिया आपको भाणा दे, बल्कि वह है जो परमात्मा के दरबार में आपको प्राप्त हो। बिना ೩ Dಾ ' भक्ति और कृपा के, बड़ी से बड़ी शोहरत ' बोझ मात्र है। जैसे एक ' बहुत सुंदर शरीर बिना प्राणों के मिट्टी है, वैसे ही बिना शोहरत  परमात्मा की कृपा के ऊँचा नाम और आध्यात्मिक रूप से निर्जीव हैं। - ShareChat