ShareChat
click to see wallet page
search
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - सूर्य और चन्द्रमा का प्रभावः सूर्य और चन्द्रमा में जो बलवान होकर जिस द्रेष्काण में हो, उस द्रेष्काण का स्वामी जिस लोक का होता है, उस लोक से वह प्राणी आया है ऐसा समझना। द्रेष्काण के स्वामी के अनुसारः बृहस्पति का द्रेष्काण हो तो देवलोक से आया है। चन्द्रमा या शुक्र का द्रेष्काण हो तो पितृलोक से आया है। सूर्य या मङ्गल का द्रेष्काण हो तो मर्त्यलोक से आया है। बुध या शनि का द्रेष्काण हो तो नरक से आया है। द्रेष्काणपति की स्थिति के अनुसारः उच्च में हो तो उस लोक में श्रेष्ठ था। मध्य में हो तो मध्यम श्रेणी में था। नीच में हो तो निकृष्ट कोटि में था। यह जानकारी प्राचीन ज्योतिष शास्त्र से ली गई है। सूर्य और चन्द्रमा का प्रभावः सूर्य और चन्द्रमा में जो बलवान होकर जिस द्रेष्काण में हो, उस द्रेष्काण का स्वामी जिस लोक का होता है, उस लोक से वह प्राणी आया है ऐसा समझना। द्रेष्काण के स्वामी के अनुसारः बृहस्पति का द्रेष्काण हो तो देवलोक से आया है। चन्द्रमा या शुक्र का द्रेष्काण हो तो पितृलोक से आया है। सूर्य या मङ्गल का द्रेष्काण हो तो मर्त्यलोक से आया है। बुध या शनि का द्रेष्काण हो तो नरक से आया है। द्रेष्काणपति की स्थिति के अनुसारः उच्च में हो तो उस लोक में श्रेष्ठ था। मध्य में हो तो मध्यम श्रेणी में था। नीच में हो तो निकृष्ट कोटि में था। यह जानकारी प्राचीन ज्योतिष शास्त्र से ली गई है। - ShareChat