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प्रभु श्री राम से सागर विनय कर रहा है कि भगवन धरती को निसाचर हीन करने का प्रण तो आपने कर लिया मगर बहुत से निशाचर ऐसे हैं जिन्होंने मानव रूप में जन्म लिया है और वो मेरे उतर तट (वर्तमान में पाकिस्तान आदि) पर निवास करते हैं, आपने प्रभु बांण जो साध लिया है वो व्यर्थ तो जाएगा नही अतः इस बांण से उन नीच पापी मनुष्यों का संहार करदीजिये , सागर की पीड़ा भरी विनती सुन कर प्रभु ने प्रसन्न मन से तुरन्त ऐसा ही किया व सागर के मन की पीड़ा का हरण कर लिया। जय श्री राम ##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩
#सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩 - एहि सरमम उत्तर तट बासी। हतहु नाथ खल नर अघ रासी । | सुनि कृपाल सागर मन पीरा | त तुरतहिं हरी राम रनधीरा | l३ | ]  इस बाण से मेरे उत्तर तट पर रहने वाले पाप के राशि दुष्ट कीजिए। कृपालु और रणधीर श्री रामजी मनुष्यों  का वध ने समुद्र के मन की पीडा़ सुनकर उसे तुरंत ही हर लिया (अर्थात् बाण से उन दुष्टों का वध कर दिया) | I६०-३।। सदरकाण्द  एहि सरमम उत्तर तट बासी। हतहु नाथ खल नर अघ रासी । | सुनि कृपाल सागर मन पीरा | त तुरतहिं हरी राम रनधीरा | l३ | ]  इस बाण से मेरे उत्तर तट पर रहने वाले पाप के राशि दुष्ट कीजिए। कृपालु और रणधीर श्री रामजी मनुष्यों  का वध ने समुद्र के मन की पीडा़ सुनकर उसे तुरंत ही हर लिया (अर्थात् बाण से उन दुष्टों का वध कर दिया) | I६०-३।। सदरकाण्द - ShareChat