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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - अमितेस्वर हैं।Iपरमेस्वर हैंIl अकृता कृत हैं ।lअमृता मृत हैंIl अर्थः हम जिस दुनिया में रहते हैं, वहां हर चीज़ की एक HoT (शिक्ति, धन, और समय ) लेकिन परमात्मा सीमा अमित है। उनकी शक्ति को किसी तराजू में तोला नहीं जा सकता। वह परमेश्वर हैं॰ यानी वह केवल एक देवता लगे नहीं, बल्कि वह चेतना हैं जो ब्रह्मांड के कण कण को में हर ' नियंत्रित करती है। संसार ' चीज़ को किसी ने बनाया है। ईश्वर अकृत है, यानी उन्हें किसी ने पैदा नहीं किया। वह स्वयं कृत हैं, यानी इस पूरी रचना के पीछे గా वही एकमात्र कारण हैं। वे स्वयं अकारण होकर सबके कारण हैं।साधारण जीव या तो जीवित होता है या मृत। लेकिन परमात्मा इन दोनों अवस्थाओं से परे है। वह अमृत हैं, जिनका कभी विनाश नहीं होता। साथ ही वे। भाणा इसका अर्थ है कि जीवन का सृजन मृत्यु के रूप में भी वही हैं। और जीवन का अंत, दोनों उसी एक सत्ता के दो हाथ हैं।जब हम ईश्वर को अमितेश्वर मानते हैं, तो मनुष्य का यह भ्रम टूट जाता ' कि वह बहुत शक्तिशाली है। अमितेस्वर हैं।Iपरमेस्वर हैंIl अकृता कृत हैं ।lअमृता मृत हैंIl अर्थः हम जिस दुनिया में रहते हैं, वहां हर चीज़ की एक HoT (शिक्ति, धन, और समय ) लेकिन परमात्मा सीमा अमित है। उनकी शक्ति को किसी तराजू में तोला नहीं जा सकता। वह परमेश्वर हैं॰ यानी वह केवल एक देवता लगे नहीं, बल्कि वह चेतना हैं जो ब्रह्मांड के कण कण को में हर ' नियंत्रित करती है। संसार ' चीज़ को किसी ने बनाया है। ईश्वर अकृत है, यानी उन्हें किसी ने पैदा नहीं किया। वह स्वयं कृत हैं, यानी इस पूरी रचना के पीछे గా वही एकमात्र कारण हैं। वे स्वयं अकारण होकर सबके कारण हैं।साधारण जीव या तो जीवित होता है या मृत। लेकिन परमात्मा इन दोनों अवस्थाओं से परे है। वह अमृत हैं, जिनका कभी विनाश नहीं होता। साथ ही वे। भाणा इसका अर्थ है कि जीवन का सृजन मृत्यु के रूप में भी वही हैं। और जीवन का अंत, दोनों उसी एक सत्ता के दो हाथ हैं।जब हम ईश्वर को अमितेश्वर मानते हैं, तो मनुष्य का यह भ्रम टूट जाता ' कि वह बहुत शक्तिशाली है। - ShareChat