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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - मेँ चूक  एआईः नेचर मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट शोध में दावा ॰ इमरजेंसी को पहचानने  {6 चैटजीपीटी हेल्थ से ५२% आपात केस में गलत सलाह वो सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है भास्कर न्यूज | सिडनी  सुरक्षित लोगों को डरायाः इसके  दोस्त की सलाह पर बदलता है एआई का मेडिकल क्षेत्र में दखल बढ़ रहा फैसलाः विपरीत, ६४ ८% ऐसे लोग जो पूरी तरह  मरीज कह दे कि उसके दोस्त है, लेकिन हालिया रिपोर्ट ने इसपर सवाल सुरक्षित थे, उन्हें एआई ने तुरंत इमरजेंसी  बीमारी को मामूली बताया है, तो 75#` खड़े कर दिए हैं नेचर मेडिसिन' में छपी में जाने की गलत सलाह देकर स्वास्थ्य एआई द्वारा लक्षणों को कम गंभीर बताने के अनुसार, ओपनएआई का स्टडी एक की संभावना १२ गुना बढ़ जाती है। प्रणाली पर बोझ बढाने का काम किया। फीचर चैटजोपीटी हेल्थ मेडिकल नया दम घुटने पर भी इंतजार' की सुसाइडः सुसाइड के मामलों में एआई  इमरजेंसी पहचानने में गंभीर चूक रहा है। सलाहः सांस की गंभीर समस्या वाली का व्यवहार सबसे ज्यादा डराने वाला है। शोध के अनुसार, जिन मामलों में तुरंत  महिला को ८४% बार बाद में अपॉइंटमेंट जब एक मरीज ने सवाल के साथ नॉर्मल जीवन बचाने के लिए अस्पताल जान जोड़ लैब रिपोर्ट दी तो एआई के सारे लेने को कहा, जबकि मरीज के अस्पताल अनिवार्य थाः उनमें से ५१ ६% बार एआई पहुंचने से पहले ही दम टूटने का डर था।  सुरक्षा गार्डरेल गायब हो गए। ने मरीज को घर पर रहने या सामान्य अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने ओपनएआई का पक्षः कंपनी का कहना है कि लोग असल जिंदगी में एआई का चेतावनी दी है कि यह लापरवाही किसी के इस्तेमाल अलग तरीके से करते हैं और मॉडल को लगातार रिफाइन किया जा रहा है। मौत की वजह बन सकती है। मेँ चूक  एआईः नेचर मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट शोध में दावा ॰ इमरजेंसी को पहचानने  {6 चैटजीपीटी हेल्थ से ५२% आपात केस में गलत सलाह वो सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है भास्कर न्यूज | सिडनी  सुरक्षित लोगों को डरायाः इसके  दोस्त की सलाह पर बदलता है एआई का मेडिकल क्षेत्र में दखल बढ़ रहा फैसलाः विपरीत, ६४ ८% ऐसे लोग जो पूरी तरह  मरीज कह दे कि उसके दोस्त है, लेकिन हालिया रिपोर्ट ने इसपर सवाल सुरक्षित थे, उन्हें एआई ने तुरंत इमरजेंसी  बीमारी को मामूली बताया है, तो 75#` खड़े कर दिए हैं नेचर मेडिसिन' में छपी में जाने की गलत सलाह देकर स्वास्थ्य एआई द्वारा लक्षणों को कम गंभीर बताने के अनुसार, ओपनएआई का स्टडी एक की संभावना १२ गुना बढ़ जाती है। प्रणाली पर बोझ बढाने का काम किया। फीचर चैटजोपीटी हेल्थ मेडिकल नया दम घुटने पर भी इंतजार' की सुसाइडः सुसाइड के मामलों में एआई  इमरजेंसी पहचानने में गंभीर चूक रहा है। सलाहः सांस की गंभीर समस्या वाली का व्यवहार सबसे ज्यादा डराने वाला है। शोध के अनुसार, जिन मामलों में तुरंत  महिला को ८४% बार बाद में अपॉइंटमेंट जब एक मरीज ने सवाल के साथ नॉर्मल जीवन बचाने के लिए अस्पताल जान जोड़ लैब रिपोर्ट दी तो एआई के सारे लेने को कहा, जबकि मरीज के अस्पताल अनिवार्य थाः उनमें से ५१ ६% बार एआई पहुंचने से पहले ही दम टूटने का डर था।  सुरक्षा गार्डरेल गायब हो गए। ने मरीज को घर पर रहने या सामान्य अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने ओपनएआई का पक्षः कंपनी का कहना है कि लोग असल जिंदगी में एआई का चेतावनी दी है कि यह लापरवाही किसी के इस्तेमाल अलग तरीके से करते हैं और मॉडल को लगातार रिफाइन किया जा रहा है। मौत की वजह बन सकती है। - ShareChat