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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - कई बैकुंठ नाही लवै लागे।I बपुड़ी भी गिआनी तिआगे।।  मुंकति सतिगुर ते पाईऐ हउ बलि एकंकारु बलि गुर दरसाइणा।l लिए मीठा हे भाई!़ भक्त के ईश्वर का प्रेम ही उसके लिए सबसे बड़ा सुख है।अनेकों बैकुंठ भी गुरू के दर्शनों की बराबरी नहीं कर सकते। जो ब्रह्म ज्ञानी हैं वे mT मुक्ति जैसी तुच्छ इच्छा को भी त्याग देते हैं। एक सच्चा ज्ञानी मोक्ष की भी परवाह नहीं करता; वह तेरा केवल परमात्मा की रजा और उनकी भक्ति में लीन रहना चाहता है। भक्त के लिए परमात्मा का भाणा नाम सिमरन और गुरु की कृपा ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है। जब भक्त को गुरु के माध्यम से परमात्मा का अनुभव हो जाता है॰ तो उसे न तो स्वर्ग और न ही मुक्ति की चिंता। का लालच रहता है कई बैकुंठ नाही लवै लागे।I बपुड़ी भी गिआनी तिआगे।।  मुंकति सतिगुर ते पाईऐ हउ बलि एकंकारु बलि गुर दरसाइणा।l लिए मीठा हे भाई!़ भक्त के ईश्वर का प्रेम ही उसके लिए सबसे बड़ा सुख है।अनेकों बैकुंठ भी गुरू के दर्शनों की बराबरी नहीं कर सकते। जो ब्रह्म ज्ञानी हैं वे mT मुक्ति जैसी तुच्छ इच्छा को भी त्याग देते हैं। एक सच्चा ज्ञानी मोक्ष की भी परवाह नहीं करता; वह तेरा केवल परमात्मा की रजा और उनकी भक्ति में लीन रहना चाहता है। भक्त के लिए परमात्मा का भाणा नाम सिमरन और गुरु की कृपा ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है। जब भक्त को गुरु के माध्यम से परमात्मा का अनुभव हो जाता है॰ तो उसे न तो स्वर्ग और न ही मुक्ति की चिंता। का लालच रहता है - ShareChat