#जय श्री राम
श्री राम की कृपा और सान्निध्य पूरे दिन अनुभव करने के लिए सुबह की शुरुआत शास्त्रोक्त विधि और भक्तिभाव से करना अत्यंत फलदायी होता है। आप अपने दिन का आरंभ इस प्रकार कर सकते हैं:
1. जागते ही कर-दर्शन और राम नाम
सुबह आँख खुलते ही सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखें और प्रभु का स्मरण करें। बिस्तर छोड़ने से पहले "राम" नाम का तीन बार उच्चारण करें। यह आपके चेतन मन को सात्विक ऊर्जा से भर देता है।
2. रामरक्षा स्तोत्र का पाठ
दिन भर की सुरक्षा और नकारात्मकता से बचाव के लिए 'रामरक्षा स्तोत्र' का पाठ अचूक माना गया है। यदि समय कम हो, तो इसकी इस एक पंक्ति का जप करें:
"रामेति रामभद्र इति रामचन्द्र इति वा स्मरन्। नरौ न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति॥"
3. हनुमान जी का ध्यान
प्रभु राम की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग हनुमान जी की भक्ति है। सुबह हनुमान चालीसा का पाठ करें या केवल यह मंत्र पढ़ें:
"अंजनीगर्भ सम्भूत कपीन्द्र सचिवोत्तम। रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमान रक्ष सर्वदा॥"
माना जाता है कि जहाँ हनुमान जी की वंदना होती है, वहाँ श्री राम स्वतः ही रक्षा करते हैं।
4. मानस पूजा और अर्पण
नहाने के बाद भगवान राम की छवि के सामने घी का दीपक जलाएं और अपने दिन के सभी कार्यों को उन्हें समर्पित करने का संकल्प लें। मन ही मन कहें— "हे राघव, आज मैं जो भी कर्म करूँ, वह आपकी प्रसन्नता के लिए हो।"
5. मर्यादा पुरुषोत्तम के गुणों का धारण
श्री राम केवल पूजनीय नहीं, अनुकरणीय भी हैं। दिन की शुरुआत में संकल्प लें कि आज आप:
अपनी वाणी में मधुरता रखेंगे।
माता-पिता और बड़ों का सम्मान करेंगे।
सत्य और धैर्य का मार्ग अपनाएंगे।
6. विजय मंत्र का जप
घर से निकलते समय या काम शुरू करते समय इस महामंत्र का 11 बार जप करें, जो आत्मविश्वास और सफलता प्रदान करता है:
"श्री राम जय राम जय जय राम"
विशेष सूत्र: गोस्वामी तुलसीदास जी के अनुसार, जो व्यक्ति सुबह उठकर "राम चरित मानस" की किसी एक चौपाई का भी पाठ करता है, श्री रघुनाथ जी उसके योग-क्षेम (कल्याण) का वहन स्वयं करते हैं।


