देश में ड्राइवर्स ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से जुड़े करोड़ों मेहनतकश साथी आज अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं। गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और आज ये वर्ग रोजगार, लॉजिस्टिक्स, डिलीवरी और परिवहन व्यवस्था को निरंतर गतिशील बनाए हुए है। इसी क्रम में कल 12 राज्यों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय ड्राइवर संयुक्त मोर्चा समिति और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) के बैनर तले दिल्ली स्थित हमारे आवास पर मुलाकात की। उन्होंने चालकों और गिग वर्कर्स की ज्वलंत समस्याओं को सामने रखते हुए चालक वेलफेयर बोर्ड के गठन, चालक आयोग की स्थापना, बिहार में प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए विशेष कानून तथा सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा (स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, दुर्घटना कवर, न्यूनतम आय) जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
हमने इन सभी मांगों को अत्यंत गंभीरता से सुना और प्रतिनिधियों को पूर्ण आश्वासन दिया कि यह मुद्दा केवल रोजगार का नहीं, बल्कि श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा है। ड्राइवर भाइयों-बहनों की मेहनत के बिना देश की रफ्तार रुक जाएगी, इसलिए इनके अधिकारों की रक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह मुलाकात आत्मनिर्भर भारत और सहकारिता से समृद्धि की दिशा में एक मजबूत कदम है। लाखों प्लेटफॉर्म वर्कर्स की आवाज अब मजबूती से उठ रही है और हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
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