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Prince jaiswar - Author on ShareChat
Prince jaiswar
3K views • 5 months ago
#shayri ki duniya #शायरी कि दुनिया #शायरी की दुनिया #शायरी दुनिया ✍✍ #शायरी दुनिया
सबकी अपनी कहानी है! वो ऐसा है, वो वैसा है, कौन जाने, कौन कैसा है! इतना ना किसी की जिंदगी में झांका पर उंगली उठाने से पहले, करो दुसरो खुद को उस जगह पर रखकर आंका करो। किनारों पर बैठकर, यूं ना अंदाज़े लगाया करो, जिस बात का पुरा पता नही, उसको ना बताया करो! सबकी अपनी अपनी जिंदगी और अपनी अपनी कहानी है! किसी के होंठों पर मुस्कान.. तो किसी की आंखों में पानी है! सबकी अपनी कहानी है! वो ऐसा है, वो वैसा है, कौन जाने, कौन कैसा है! इतना ना किसी की जिंदगी में झांका पर उंगली उठाने से पहले, करो दुसरो खुद को उस जगह पर रखकर आंका करो। किनारों पर बैठकर, यूं ना अंदाज़े लगाया करो, जिस बात का पुरा पता नही, उसको ना बताया करो! सबकी अपनी अपनी जिंदगी और अपनी अपनी कहानी है! किसी के होंठों पर मुस्कान.. तो किसी की आंखों में पानी है!
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  • Kaur - Author on ShareChat
    Kaur
    #mere alfaaz ✍🏻✍🏻 ##shayri ki duniya ##मेरा__अधुरा__प्यार
    ना रूठने का डर मनाने की कोशिश, दिल से उतरे हुए लोगों से शिकायतें कैसी. ? ना रूठने का डर मनाने की कोशिश, दिल से उतरे हुए लोगों से शिकायतें कैसी. ?
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  • Prince jaiswar - Author on ShareChat
    Prince jaiswar
    #shayri ki duniya #शायरी दुनिया ✍✍ #शायरी की दुनिया #शायरी दुनिया #शायरी कि दुनिया
    जाने क्या क्या अंदर दबा के बैठा हूं॰ सहरा हूं॰ मैं समंदर छुपा के बैठा हूं| मेरे ख़्यालों की दुनिया बड़ी हसीं है, तुम्हे कब से पास बिठा के बैठा हूं। यह नहीं कि अब देखता नहीं, 3 चाहे तुझ से नजरें हटा के बैठा हूं। बहुत यक़ीन था तेरे वादे पर मगर, देखो अब मैं नजरें झुका के बैठा हूं। वो ग़ज़लें जो अभी लिखी ही नहीं, वो शिकायतें दिल में दबा के बैठा हूं| अब उसको का वक़्त है रफ़ीक़, भुलाने कबसे खुद को खुद से भुला के बैठा हूं। जाने क्या क्या अंदर दबा के बैठा हूं॰ सहरा हूं॰ मैं समंदर छुपा के बैठा हूं| मेरे ख़्यालों की दुनिया बड़ी हसीं है, तुम्हे कब से पास बिठा के बैठा हूं। यह नहीं कि अब देखता नहीं, 3 चाहे तुझ से नजरें हटा के बैठा हूं। बहुत यक़ीन था तेरे वादे पर मगर, देखो अब मैं नजरें झुका के बैठा हूं। वो ग़ज़लें जो अभी लिखी ही नहीं, वो शिकायतें दिल में दबा के बैठा हूं| अब उसको का वक़्त है रफ़ीक़, भुलाने कबसे खुद को खुद से भुला के बैठा हूं।
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  • Prince jaiswar - Author on ShareChat
    Prince jaiswar
    #shayri ki duniya #शायरी दुनिया #शायरी कि दुनिया #शायरी दुनिया ✍✍ #शायरी की दुनिया
    जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है। मंजिल चाहे कितनी भी জঁপী কমী ন ৪ী रास्ते हमेशा पैरों के नीचे होते हैं! जो निखर कर बिखर जाए वो "कर्तव्य" है और. जो बिखर कर निखर जाए वो "व्यक्तित्व" है!! जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है। मंजिल चाहे कितनी भी জঁপী কমী ন ৪ী रास्ते हमेशा पैरों के नीचे होते हैं! जो निखर कर बिखर जाए वो "कर्तव्य" है और. जो बिखर कर निखर जाए वो "व्यक्तित्व" है!!
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