*शिव के असफल युद्ध की कहानी*
*गणेश जी के जन्म के बाद, स्वयं शिव ने घोषणा की थी कि गणेश जी का सम्मान किए बिना कोई भी नया कार्य शुरू नहीं किया जाना चाहिए।*
*लेकिन एक दिन शिव अपना ही नियम भूल गए। उन्होंने अपने पुत्र की पूजा किए बिना ही राक्षसों के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया। रास्ते में उनके रथ का पहिया टूट गया, सेना लड़खड़ा गई और सब कुछ गड़बड़ हो गया। अपनी गलती का एहसास होने पर शिव ने सब कुछ रोक दिया, गणेश जी की पूजा की और उनका आशीर्वाद मांगा।*
*तभी सेना सुचारू रूप से आगे बढ़ी और राक्षसों को पराजित किया गया।*
*नैतिक शिक्षा: नियम सभी पर लागू होते हैं—यहाँ तक कि उन्हें बनाने वालों पर भी। (यह लघु कहानी अनुशासन और सम्मान पर प्रकाश डालती है।)*
*-श्री गणेशाय नमः -* #किस्से-कहानी

