ShareChat
click to see wallet page
search
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - शाम   ढलेगी, रात भी॰  होगी, নাহী   কী बारात भी॰  होगी जुगनू भी होंगे, चांद भी॰ होगा, हमारी   बात भी॰ होगी, तुमसे दिल की धड़कन तेज़ सी॰  होगी रूह में कुछ जज़्बात भी॰ होंगे, Vral Balrag थोड़ी नमी आंखों में  होगी चाहत की बरसात भी   होगी॰.. Classy Poetry शाम   ढलेगी, रात भी॰  होगी, নাহী   কী बारात भी॰  होगी जुगनू भी होंगे, चांद भी॰ होगा, हमारी   बात भी॰ होगी, तुमसे दिल की धड़कन तेज़ सी॰  होगी रूह में कुछ जज़्बात भी॰ होंगे, Vral Balrag थोड़ी नमी आंखों में  होगी चाहत की बरसात भी   होगी॰.. Classy Poetry - ShareChat