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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - विश्व कैंसर दिवस विशेष दो शीर्ष कैंसर विशेषज्ञ बता रहे एआई नया कैंसर `विशेषज्ञ , बीमारी के ৪ী৫-৪ী৫ মকনী ক্রী ম্ী এঙ্মান লনা ঔ रैडियोलॉाजी में सबसे ज्यादा भरोसैमंद डॉ. क्रिस्टोफर वूल्फगैंग  समय रेडियोलॉजी में सबसे 3IS 57 ज्यादा एनवाययू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ ٢٥7 ٤١ ٤ ٦٦ भरोसेमंद   भूमिका   निभा मेडिसिन  अमेरिका एमआरआई और डिजिटल इमेजिंग डेटा से एआई न्यूयॉर्क, लिवर में होने वाले छोटे परिवर्तन, शरीर की रोग पिछले 3 से 5 वर्षों में एआई ने कैंसर के क्षेत्र में प्रतिरोधक ग्रंथियों और सीरियल स्कैन पर सूक्ष्म प्रयोगशालाओं से निकलकर क्लिनिक तक अपनी बदलाव को पहचान लेता है। विशेष रूप से लंग कैंसर और पैंक्रियाटिक कैंसर में छोटे छोटे बदलावों मौजूदगी दर्ज करा दी है। अब यह एक बेहतरीन के आकलन में यह कम्प्यूटर एल्गोरिदम का इस्तेमाल सहायक बन चुका है। कुछ मामलों में तो यह करके उन बारीकियों को पकड़ता है, जिन्हें इंसानी इंसानी सोच से काफी आगे है। आंखें नहीं देख पातीं। एआई पैथालॉजी में थोड़ा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग में बैहद सफल पीछे है क्योंकि पूरी तरह डिजिटलाइज्ड पैथालॉजी एआई की मदद से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग सटीक हुई वर्कफ्लो कम है। कैंसर से जुड़े उपचार के मामले में अभी एआई कम भरोसेमंद है क्योंकि उपचार की है। इससे चूक के मामलों में कमी आई है। इसके प्लानिंग में कैंसर मरीज की शारीरिक हालतः मरीज सबसे ज्यादा प्रमाण मौजूद हैं। वहीं फेफड़ों से जुड़े की टॉक्सिटी सहन करने की क्षमता आदि को एक कैंसर के मामले में छोटे गांठों की पहचान और साथ सोचकर निर्णय लेना पड़ता है। फॉलोअप बेहतर हुए हैं। विश्व कैंसर दिवस विशेष दो शीर्ष कैंसर विशेषज्ञ बता रहे एआई नया कैंसर `विशेषज्ञ , बीमारी के ৪ী৫-৪ী৫ মকনী ক্রী ম্ী এঙ্মান লনা ঔ रैडियोलॉाजी में सबसे ज्यादा भरोसैमंद डॉ. क्रिस्टोफर वूल्फगैंग  समय रेडियोलॉजी में सबसे 3IS 57 ज्यादा एनवाययू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ ٢٥7 ٤١ ٤ ٦٦ भरोसेमंद   भूमिका   निभा मेडिसिन  अमेरिका एमआरआई और डिजिटल इमेजिंग डेटा से एआई न्यूयॉर्क, लिवर में होने वाले छोटे परिवर्तन, शरीर की रोग पिछले 3 से 5 वर्षों में एआई ने कैंसर के क्षेत्र में प्रतिरोधक ग्रंथियों और सीरियल स्कैन पर सूक्ष्म प्रयोगशालाओं से निकलकर क्लिनिक तक अपनी बदलाव को पहचान लेता है। विशेष रूप से लंग कैंसर और पैंक्रियाटिक कैंसर में छोटे छोटे बदलावों मौजूदगी दर्ज करा दी है। अब यह एक बेहतरीन के आकलन में यह कम्प्यूटर एल्गोरिदम का इस्तेमाल सहायक बन चुका है। कुछ मामलों में तो यह करके उन बारीकियों को पकड़ता है, जिन्हें इंसानी इंसानी सोच से काफी आगे है। आंखें नहीं देख पातीं। एआई पैथालॉजी में थोड़ा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग में बैहद सफल पीछे है क्योंकि पूरी तरह डिजिटलाइज्ड पैथालॉजी एआई की मदद से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग सटीक हुई वर्कफ्लो कम है। कैंसर से जुड़े उपचार के मामले में अभी एआई कम भरोसेमंद है क्योंकि उपचार की है। इससे चूक के मामलों में कमी आई है। इसके प्लानिंग में कैंसर मरीज की शारीरिक हालतः मरीज सबसे ज्यादा प्रमाण मौजूद हैं। वहीं फेफड़ों से जुड़े की टॉक्सिटी सहन करने की क्षमता आदि को एक कैंसर के मामले में छोटे गांठों की पहचान और साथ सोचकर निर्णय लेना पड़ता है। फॉलोअप बेहतर हुए हैं। - ShareChat