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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 20.01 हास्य व्यंग रात गई बात गई दिन आया तो ना बात करने वाली आई ना बात बताने वाला आया फेंकू  जो भी आया ச3I लपेटने समेटने वाले भी कोई नहीं आए Status (Contacts) + # Aa 20.01 हास्य व्यंग रात गई बात गई दिन आया तो ना बात करने वाली आई ना बात बताने वाला आया फेंकू  जो भी आया ச3I लपेटने समेटने वाले भी कोई नहीं आए Status (Contacts) + # - ShareChat