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#☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈
☝अनमोल ज्ञान - सदगुरुदेवाय नमः "90 शारीरिक समस्या के बाद पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति का वर्गीकरण आता है। परिवार भी एक प्रकार से सामाजिक शरीर ही है। मनुष्य अपनी देह तक ही सीमित नहीं रहता वर्ण उसे अपनी स्त्री संतान भाई- बहन माता-पिता आदि को मिलाकर एक कुटुंब बनाता है। एक घर में एक साथ रहने वाला कुटुंब भी एक प्रकार से एक शरीर ही होता है। जिस प्रकार अपने देह के पालन-पोषण की दुख- सुख की चिंता करना पसंद है इसी प्रकार परिवार के प्रत्येक सदस्य के बारे में हमें विचार करना है। उनका उत्तरदायित्व सिर पर लिया गया है। आर्थिक दृष्टि से भी अपनी देह की भांति उन सबके भरण- पोषण हेतु स्वास्थ्य एवं अनुसंधान रखना प्रगतिशील बनाना आवश्यक होता है।घर के लोगों का दुखी एवं सुखी होना अच्छा या बुरा होना अपने शरीर के किसी हिस्से का दुखी या हितेषी होना है। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः "90 शारीरिक समस्या के बाद पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति का वर्गीकरण आता है। परिवार भी एक प्रकार से सामाजिक शरीर ही है। मनुष्य अपनी देह तक ही सीमित नहीं रहता वर्ण उसे अपनी स्त्री संतान भाई- बहन माता-पिता आदि को मिलाकर एक कुटुंब बनाता है। एक घर में एक साथ रहने वाला कुटुंब भी एक प्रकार से एक शरीर ही होता है। जिस प्रकार अपने देह के पालन-पोषण की दुख- सुख की चिंता करना पसंद है इसी प्रकार परिवार के प्रत्येक सदस्य के बारे में हमें विचार करना है। उनका उत्तरदायित्व सिर पर लिया गया है। आर्थिक दृष्टि से भी अपनी देह की भांति उन सबके भरण- पोषण हेतु स्वास्थ्य एवं अनुसंधान रखना प्रगतिशील बनाना आवश्यक होता है।घर के लोगों का दुखी एवं सुखी होना अच्छा या बुरा होना अपने शरीर के किसी हिस्से का दुखी या हितेषी होना है। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat