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#श्री गणेशाय नमः 🛐।। श्रीहरि:।।🛐 ---------------------------------------- ‼️परमात्मा में प्रेम और महात्मा में श्रद्धा कल्याणकारी है ‼️ ---------------------------------------- 🍀पापों का नाश भगवान् के भजन से होता है | जब ऐसी बात है तो हम भगवान् का भजन क्यों नहीं करते ? 🍀 🤹यह हमारी मूर्खता है | भजन तो करते हैं – संसार का करते हैं; प्रेम भी करते हैं – संसार से करते हैं, यही मूर्खता है | जो कुछ हुआ सो हुआ; अब भगवान से प्रेम करना चाहिये | नाम में यह सब बातें भरी हुई हैं | दीखती नहीं ? तार में क्या बिजली दीखती है ? किन्तु हाथ रखो ! पता लग जायगा | इसी प्रकार भजन का प्रभाव है |भजन करके देख लो ! सारे गुण नाम में भरे हैं | जो नाम का जप करता है, उसमें सारे गुण आ जाते हैं | नाम का सेवन करने से उनमे भगवान् के गुण आ जाते हैं | नाम और नामी एक ही हैं, भेद नहीं है | चाहे नाम का सेवन करो, चाहे नामी का करो | एक ही बात है | नाम का जप करने से नामी का चिन्तन हो जाता है |🤹 🧘शुकदेव जी के नाम का उच्चारण करेंगे तो शुकदेव जी के गुण हमारे में आने लगेंगे, उनका स्वरूप याद आयेगा; इसलिये नाम के अधीन रूप है | इसीलिये यह बात कही जाती है कि नाम में सारे गुण भरे हुए हैं |🧘 🌷इसलिये नाम का जप होना चाहिये | स्वरूप स्मरण साथ में हो तो और भी अच्छा है | इसलिए हमें भजन और सत्संग करना चाहिये | इससे ही प्रेम होता है और प्रेम से भगवान् मिलते हैं | ध्यान की बात आपको पहले बताई | ध्यान नहीं लगे तो भजन, सत्संग करना चाहिये | उससे ध्यान लग जाता है | जिन आदमियों का ध्यान नहीं लगा है, उनको ध्यान की युक्तियाँ सत्संग से ही तो मिली | भजन करने से अन्त:करण शुद्ध होकर ध्यान लगता है |🌷 👩‍❤️‍👩हमें संसार से वैराग्य करना चाहिये | संसार से वैराग्य होने से मन स्वत: ही भगवान् में लग जाता है | संसार से प्रेम हटाने का नाम ही वैराग्य है |👩‍❤️‍👩 ⁉️संसार से प्रेम कैसे हटे |⁉️🌍संसार में अवगुण देखें | संसार के तत्व को देखें | यह अस्थायी है, दु:खरूप है, खतरे की चीज है, घृणा करने लायक है | इस तरह की बात जँच जाय तो मन स्वत: ही इससे हट जायगा | संसार के दोषों की बात सुनते रहो | दोष की बात सुनने से श्रद्धा, प्रेम हट जाता है |🌍 🛐इसी प्रकार महात्मा के दोषों की बात सुनोगे तो उनमे श्रद्धा, प्रेम हट जायगा | संसार के दोष सुनते रहोगे तो उनमे मन जायगा ही नहीं | भगवान् के गुण, प्रभाव, प्रेम की बात सुनते रहो, फिर आपका मन भगवान् को छोड दुसरे में नहीं जायगा | आपने निराकार सहित ध्यान की बात पूछी सो बता दी | फिर भी ध्यान नहीं लगे तो भजन-सत्संग करना चाहिये |🛐 🙏नारायण ! नारायण ! नारायण ! नारायण ! 🙏
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