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कबीर, बार-बार निज श्रवणतें, सुने जो धर्म पुराण। कोमल चित उदार नित, हिंसा रहित बखान ।। भक्त को चाहिए कि वह बार-बार धर्म-कर्म के विषय में सत्संग ज्ञान सुने और अपना चित कोमल रखे। अहिंसा परम धर्म है। ऐसे अहिंसा संबंधी प्रवचन सुनने चाहिऐ। – जगतगुरु तत्वदर्शी #SantRampalJiMaharaj #SatKabirVachan #SaintRampalJi #SantRampalJiIsGod #Raisen🌺 KabirIsGod SatlokAshram Love Spiritual ViralPost #sat saheb ji
sat saheb ji - जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी 9 जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी 9 - ShareChat