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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - नमसर्त अरनंते ।l नमसर्तभर्हते।। नमसतसतु रागे। नमसत सुहागे 11 #dT हे भाई! उस ईश्वर को नमन है जो अनंत है जिसकी कोई सीमा नहीं है। परमात्मा अनंत भिखारी भी है और महान भी। यानी वह सूक्ष्म से सूक्ष्म मौजूद  है और विशाल से विशाल भी। वह हर जगह ' है। उस महान स्वरूप को नमन है जो जिओ सबसे श्रेष्ठ और महान है। उस शक्ति को प्रणाम है जो प्रेम और राग भाव के रूप में विद्यमान है।ईश्वर केवल कठोर नियम नहीं, 46TT बल्कि वह हमारे भीतर का राग (प्रेम, संगीत, और लगाव) भी है। वह भावनाओं का स्रोत हैl उस सौभाग्य और कल्याणकारी रूप को वाले नमन है जो जीवन को प्रकाशित करता है। ईश्वर वह शक्ति जो जीवन में मंगल और शुभता लाती है। ईश्वर को केवल मंदिर या मूर्ति बाबा में न खोजें, बल्कि उसे अनंतता , महानता , प्रेम और सौभाग्य हर सकारात्मक रूप में पहचानें और नमन करें। ईश्वर सर्वव्यापी है। वह जी और स्थान से परे (अनंत ) है, गरिमा में सबसे ऊँचा (महंत) है, समय और हमारे जीवन की सुंदरता व प्रेम (राग सुहाग ) का आधार है। नमसर्त अरनंते ।l नमसर्तभर्हते।। नमसतसतु रागे। नमसत सुहागे 11 #dT हे भाई! उस ईश्वर को नमन है जो अनंत है जिसकी कोई सीमा नहीं है। परमात्मा अनंत भिखारी भी है और महान भी। यानी वह सूक्ष्म से सूक्ष्म मौजूद  है और विशाल से विशाल भी। वह हर जगह ' है। उस महान स्वरूप को नमन है जो जिओ सबसे श्रेष्ठ और महान है। उस शक्ति को प्रणाम है जो प्रेम और राग भाव के रूप में विद्यमान है।ईश्वर केवल कठोर नियम नहीं, 46TT बल्कि वह हमारे भीतर का राग (प्रेम, संगीत, और लगाव) भी है। वह भावनाओं का स्रोत हैl उस सौभाग्य और कल्याणकारी रूप को वाले नमन है जो जीवन को प्रकाशित करता है। ईश्वर वह शक्ति जो जीवन में मंगल और शुभता लाती है। ईश्वर को केवल मंदिर या मूर्ति बाबा में न खोजें, बल्कि उसे अनंतता , महानता , प्रेम और सौभाग्य हर सकारात्मक रूप में पहचानें और नमन करें। ईश्वर सर्वव्यापी है। वह जी और स्थान से परे (अनंत ) है, गरिमा में सबसे ऊँचा (महंत) है, समय और हमारे जीवन की सुंदरता व प्रेम (राग सुहाग ) का आधार है। - ShareChat