ShareChat
click to see wallet page
search
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - Ta हम जी रहे हैं जान तुम्हारे बग़ैर भी हर दिन गुज़र रहा है गुज़ारे बग़ैर भी। सबके लिए किनारे पे होता नहीं कोई कुछ लोग डूबते हैं पुकारे बग़ैर भी। সামান ক্ীণা সংনা মসভা ল তী ৪স ঐ নান दुनियाँ यूँ ही रहेगी हमारे बग़ैर भी। जीते बग़ैर जीतने वालों के दौर में कुछ लोग हार जाते हैं हारे बग़ैर भी। ऐसे भी हैं जो डूब गए दिल के साथ साथ दरिया में अपनी नाव उतारे बग़ैर भी। हर हाल में बड़े ही रहेंगे जो हैं बड़े वो आसमाँ हैं चाँद सितारे बग़ैर भी। या-रब हर इक तिलिस्म तेरी कायनात का खुलने लगा है हम पे इशारे बग़ैर भी। राजेश रेड्डी Want Motivational Viaeos Aoo Ta हम जी रहे हैं जान तुम्हारे बग़ैर भी हर दिन गुज़र रहा है गुज़ारे बग़ैर भी। सबके लिए किनारे पे होता नहीं कोई कुछ लोग डूबते हैं पुकारे बग़ैर भी। সামান ক্ীণা সংনা মসভা ল তী ৪স ঐ নান दुनियाँ यूँ ही रहेगी हमारे बग़ैर भी। जीते बग़ैर जीतने वालों के दौर में कुछ लोग हार जाते हैं हारे बग़ैर भी। ऐसे भी हैं जो डूब गए दिल के साथ साथ दरिया में अपनी नाव उतारे बग़ैर भी। हर हाल में बड़े ही रहेंगे जो हैं बड़े वो आसमाँ हैं चाँद सितारे बग़ैर भी। या-रब हर इक तिलिस्म तेरी कायनात का खुलने लगा है हम पे इशारे बग़ैर भी। राजेश रेड्डी Want Motivational Viaeos Aoo - ShareChat