#राधे कृष्ण
श्रीकृष्ण के देहांत के बाद उनकी रानियों का क्या हुआ?
श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन के बाद यादव कुल का नाश लगभग हो चुका था। इसके बाद:
रुक्मिणी जी और कुछ प्रमुख रानियों ने श्रीकृष्ण के वियोग को सहन न कर पाने के कारण सती होने (देह त्याग) का निर्णय लिया और उन्हीं के साथ प्राण त्याग दिए—ऐसा पुराणों में वर्णन मिलता है।
कुछ अन्य रानियाँ अर्जुन द्वारा रक्षा के लिए द्वारका से निकाली गईं, लेकिन मार्ग में डाकुओं/वनवासियों द्वारा हमला हुआ।
– कुछ का हरण हुआ
– कुछ ने दुख में जीवन त्याग दिया
– बहुत कम सुरक्षित बच पाईं
अलग-अलग ग्रंथों में विवरणों में अंतर मिलता है, पर मुख्य कथा यही है कि श्रीकृष्ण के जाने के बाद यदुवंश और द्वारका के वैभव का अंत हो गया।
👉 उनके भव्य राजमहल और द्वारका का क्या हुआ?
श्रीकृष्ण के देहांत के बाद द्वारका समुद्र में डूब गई।
महाभारत व भागवत के अनुसार समुद्र धीरे-धीरे नगर को निगल गया, महल, राजसिंहासन, वैभव सब लहरों में समा गया।
यह घटना भगवान की लीला और काल के प्रभाव का प्रतीक मानी जाती है—कि इस संसार में कुछ स्थायी नहीं।


