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#❤️जीवन की सीख अधमाः धनमिच्छन्ति धनं मानं च मध्यमाः । उत्तमाः मानमिच्छन्ति मानो हि महताम् धनम् ॥ [ चाणक्यनीतिदर्पणम् ८/१ ] अर्थात् 👉🏻 निम्नकोटि के लोगो को केवल धन की इच्छा रहती है , ऐसे लोगो को सम्मान से सरोकार नहीं होता । एक मध्यमकोटि का व्यक्ति धन एवं सम्मान दोनों की इच्छा करता है वही एक उच्चकोटि के व्यक्ति हेतु सम्मान ही महत्व रखता है । सम्मान धन से अधिक मूल्यवान है । 🌄🌄 प्रभातवन्दन 🌄🌄
❤️जीवन की सीख - सन्त महात्मा जवतक उदार नही 6 स्वाधीन नही है॰ प्रेमी नही ऐ॰ तबतक आप महात्मा नही हे॰ चाहे कितना ही बढिया व्याख्यान एम देले। व्याख्यान देनेसे महात्मा नही हो जाते। रातवाणी ४/०३  सन्त महात्मा जवतक उदार नही 6 स्वाधीन नही है॰ प्रेमी नही ऐ॰ तबतक आप महात्मा नही हे॰ चाहे कितना ही बढिया व्याख्यान एम देले। व्याख्यान देनेसे महात्मा नही हो जाते। रातवाणी ४/०३ - ShareChat