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दोहा बुल्लेशाह #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "दोहा" खुसरो पाती प्रेम की बिरला बाँचे कोय वेद, कुरान, पोथी पढ़े , प्रेम बिना का होय (अमीर ! ख़ुसरो) @myquote "दोहा" खुसरो पाती प्रेम की बिरला बाँचे कोय वेद, कुरान, पोथी पढ़े , प्रेम बिना का होय (अमीर ! ख़ुसरो) @myquote - ShareChat