ShareChat
click to see wallet page
search
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - तीकली कॉमेन्ट्री अबकी बार हार के बाद टीवी फूटे, तो वर्ल्ड बैंक से मदद लेनी पड़ेगी दोस्ती का डिस्काउंट है, जिसे हम எக3 पुरानी  छोड़ना नहीं चाहते। साहब, तेल हम वहां से लेेंगे जहां पंकज प्रसून व्यंग्यकार और कवि से सस्ता मिलेगा, क्योंकि हम ` अतिथि देवो भव' के बचत ही लाभ है' में भी विश्वास रखते हैं। साथ प्रस्तुत हैं इस हफ्ते के मुख्य समाचार.. ३. शहबाज शरीफ ने कहा कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की ४२६ 1. चोरी हुइ।  किलो की कांस्य प्रतिमा यह अंगूर खट्टे हैं आधुनिक संस्करण है। का शहबाज साहब जानते हैं कि हारने के बाद जो टीवी चोर भी अब वैचारिक हो गए हैं। गांधो को लोग हैं उन्हें नया खरीदने के लिए वर्ल्ड बैंक लोनते  जीवन में नहीं उतार पा रहे, तो सोचा मूर्ति ही उतार सें लें। ४२६ किलो का वजन उठाना बताता है कि बापू लेना पड़ेगा। क्रिकेट तो बहाना है असल का महत्व आज भी भारी है। भारत में हम गांधी को भारत के सामने खड़े होने की हिम्मत जुटाना महंगा पड़ रहा है। खेल से तौबा करना असल में सेल्फ- विचारों से बेदखल कर रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया में उन्हें गोल से बचने की एक नाकाम कोशिश है। जमीन से बेदखल कर दिया। शायद उन चोरों को लगा होगा कि जिस महापुरुष ने पूरी दुनिया को हिला मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि राहुल दिया, उसकी मूर्ति उठाना ही असली मर्दानगी है। 4. गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा। २. ट्रम्प ने दावा किया है कि अब रूस से तेल सदन उस खटारा बस जैसा है जिसे विपक्ष धव्का दे रहा है॰ पर ड्राइवर हैंड-ब्रेक खींचकर सवारी नहीं खरीदेगा भारत। आईने से शुरू के शोर को दोष दे रहा है। सत्ता पक्ष चाहता है कि ट्रम्प साहब की दुनिया उनके अपने राहुल म्यूट बटन वाले वीडियो की तरह रहें दिखें होकर वहीं खत्म हो जाती है। उन्हें लगता है कि भारत पर सुनाई न दें। इस खींचतान में लोकतंत्र कोने में अपना चूल्हा उनकी डील की आग से जलाएगा। कहीं रो रहा है। रूस का तेल भारत के लिए केवल ईंधन भर नहीं, तीकली कॉमेन्ट्री अबकी बार हार के बाद टीवी फूटे, तो वर्ल्ड बैंक से मदद लेनी पड़ेगी दोस्ती का डिस्काउंट है, जिसे हम எக3 पुरानी  छोड़ना नहीं चाहते। साहब, तेल हम वहां से लेेंगे जहां पंकज प्रसून व्यंग्यकार और कवि से सस्ता मिलेगा, क्योंकि हम ` अतिथि देवो भव' के बचत ही लाभ है' में भी विश्वास रखते हैं। साथ प्रस्तुत हैं इस हफ्ते के मुख्य समाचार.. ३. शहबाज शरीफ ने कहा कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की ४२६ 1. चोरी हुइ।  किलो की कांस्य प्रतिमा यह अंगूर खट्टे हैं आधुनिक संस्करण है। का शहबाज साहब जानते हैं कि हारने के बाद जो टीवी चोर भी अब वैचारिक हो गए हैं। गांधो को लोग हैं उन्हें नया खरीदने के लिए वर्ल्ड बैंक लोनते  जीवन में नहीं उतार पा रहे, तो सोचा मूर्ति ही उतार सें लें। ४२६ किलो का वजन उठाना बताता है कि बापू लेना पड़ेगा। क्रिकेट तो बहाना है असल का महत्व आज भी भारी है। भारत में हम गांधी को भारत के सामने खड़े होने की हिम्मत जुटाना महंगा पड़ रहा है। खेल से तौबा करना असल में सेल्फ- विचारों से बेदखल कर रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया में उन्हें गोल से बचने की एक नाकाम कोशिश है। जमीन से बेदखल कर दिया। शायद उन चोरों को लगा होगा कि जिस महापुरुष ने पूरी दुनिया को हिला मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि राहुल दिया, उसकी मूर्ति उठाना ही असली मर्दानगी है। 4. गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा। २. ट्रम्प ने दावा किया है कि अब रूस से तेल सदन उस खटारा बस जैसा है जिसे विपक्ष धव्का दे रहा है॰ पर ड्राइवर हैंड-ब्रेक खींचकर सवारी नहीं खरीदेगा भारत। आईने से शुरू के शोर को दोष दे रहा है। सत्ता पक्ष चाहता है कि ट्रम्प साहब की दुनिया उनके अपने राहुल म्यूट बटन वाले वीडियो की तरह रहें दिखें होकर वहीं खत्म हो जाती है। उन्हें लगता है कि भारत पर सुनाई न दें। इस खींचतान में लोकतंत्र कोने में अपना चूल्हा उनकी डील की आग से जलाएगा। कहीं रो रहा है। रूस का तेल भारत के लिए केवल ईंधन भर नहीं, - ShareChat