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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - 63$36HffSர कउरापनु तऊन जाई$ মী নযা हे भाई! जैसे तीर्थों के पवित्र जल में ভুলন मात्र से लौकी " तुंबि" मीठी नहीं हो जाती, वैसे ही यदि भिखारी मनुष्य का मन अहंकार, ईर्ष्या और विकारों से भरा है, तो केवल धार्मिक स्थलों पर स्नान करने या जिओ बाहरी भेष बदलने से उसके स्वभाव में पवित्रता नहीं पहाडा आती। गुरुबाणी हमें सिखाती है कि असली तीर्थ नाम परमात्मा का स्मरण और सत्य है। जब तक qId हृदय के भीतर से " कउरापनु" (विकार और बुराइयाँ ) बाबा कर्मकांड केवल एक नहीं निकलता, तब तक बाहरी प्रदर्शन मात्र हैं। धर्म केवल शरीर की क्रिया नहीं, शुद्धिकरण है। यदि हृदय में राम बल्कि आत्मा का का वास नहीं और आचरण में सच्चाई नहीं, तो तीर्थ यात्रा का फल प्राप्त नहीं होता। 63$36HffSர कउरापनु तऊन जाई$ মী নযা हे भाई! जैसे तीर्थों के पवित्र जल में ভুলন मात्र से लौकी " तुंबि" मीठी नहीं हो जाती, वैसे ही यदि भिखारी मनुष्य का मन अहंकार, ईर्ष्या और विकारों से भरा है, तो केवल धार्मिक स्थलों पर स्नान करने या जिओ बाहरी भेष बदलने से उसके स्वभाव में पवित्रता नहीं पहाडा आती। गुरुबाणी हमें सिखाती है कि असली तीर्थ नाम परमात्मा का स्मरण और सत्य है। जब तक qId हृदय के भीतर से " कउरापनु" (विकार और बुराइयाँ ) बाबा कर्मकांड केवल एक नहीं निकलता, तब तक बाहरी प्रदर्शन मात्र हैं। धर्म केवल शरीर की क्रिया नहीं, शुद्धिकरण है। यदि हृदय में राम बल्कि आत्मा का का वास नहीं और आचरण में सच्चाई नहीं, तो तीर्थ यात्रा का फल प्राप्त नहीं होता। - ShareChat