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पैर… जो पूरे शरीर का बोझ उठाते हैं, मगर हमारी नज़रों से सबसे दूर रहते हैं। सिर में भारीपन हो तो हम फौरन दवाई ढूँढते हैं, दिल की धड़कन तेज़ हो तो घबरा जाते हैं, लेकिन जब पैर थककर चूर होते हैं, तो हम उसे 'बस थकान' समझकर सो जाते हैं। जबकि हकीकत ये है: हमारे पैरों के तलवों में छिपे पॉइंट्स सीधे हमारे— 🧠 दिमाग | ❤️ दिल | 🫁 फेफड़े | 🍽️ पेट से तार की तरह जुड़े होते हैं। दिनभर की दौड़-भाग के बाद, सोने से पहले सिर्फ 5 मिनट की मालिश: • ब्लड सर्कुलेशन की रफ्तार बढ़ाती है। • तनाव के गुब्बारे को फोड़कर दिमाग शांत करती है। • ऐसी गहरी नींद लाती है, जो महंगी दवाइयां भी नहीं ला सकतीं। पैरों की मालिश करना कोई 'शौक' नहीं, यह अपने शरीर के प्रति 'शुक्रिया' है। आज रात, खुद को ये 5 मिनट ज़रूर दें। आपका शरीर कल सुबह मुस्कुराते हुए उठेगा। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - पैरों की मालिश क्यों है जरूरी सिर और दिमाग गर्दन की हड्डी  फेफडे सॉंस लेने के अंग) दिल (हृदय) নিবয (সিযয) पेट (अमाशय) स्प्लीन (तिर्ल्ल किडनी (गुर्दे) खाना पचाने का आंतें (पेट की नली) মিমেস মামঠিক্ধা कमर को वैस निचला हिस्सा की সুয্স নম) पैरों की मालिश क्यों है जरूरी सिर और दिमाग गर्दन की हड्डी  फेफडे सॉंस लेने के अंग) दिल (हृदय) নিবয (সিযয) पेट (अमाशय) स्प्लीन (तिर्ल्ल किडनी (गुर्दे) खाना पचाने का आंतें (पेट की नली) মিমেস মামঠিক্ধা कमर को वैस निचला हिस्सा की সুয্স নম) - ShareChat